पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा नरूला बनर्जी के पहचान पत्रों और नागरिकता से जुड़े कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। खबरों के मुताबिक, रुजिरा बनर्जी के पास दो अलग-अलग पैन (PAN) कार्ड होने की बात सामने आई है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इन आधिकारिक दस्तावेजों में उनके पिता के नाम भी अलग-अलग दर्ज हैं। इस खुलासे के बाद न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की वैधता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पैन कार्ड और पिता के नाम का रहस्य
जांच और आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रुजिरा बनर्जी के पास मौजूद दो पैन कार्ड्स में भारी विसंगतियां पाई गई हैं। पहले पैन कार्ड (नंबर: AJNPN2286R) में उनका नाम रुजिरा बनर्जी दर्ज है। वहीं, उनके पास मौजूद दूसरे पैन कार्ड (नंबर: CMPN9377F) में उनका नाम रुजिरा नरूला लिखा है। विवाद का मुख्य केंद्र यह है कि इन दोनों कार्ड्स में उनके पिता का नाम एक समान नहीं है। दस्तावेजों के अनुसार, उनके पीआईओ (PIO) कार्ड में पिता का नाम निपन नरूला दर्ज है, जबकि उनके ओसीआई (OCI) कार्ड में पिता का नाम गुरचरण आहूजा बताया गया है। पिता के दो अलग-अलग नामों ने इस मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है।
थाईलैंड की नागरिकता और पासपोर्ट का मामला
रुजिरा बनर्जी की नागरिकता को लेकर भी कई अहम जानकारियां साझा की गई हैं। बताया जा रहा है कि रुजिरा नरूला बनर्जी के पास थाईलैंड की नागरिकता है और वह थाई पासपोर्ट धारक हैं। साल 2012 में अभिषेक बनर्जी से शादी के बाद उन्होंने भारतीय मूल के विदेशी नागरिक (OCI) कार्ड के लिए आवेदन किया था। इसी प्रक्रिया के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों में जानकारी के विरोधाभास की बात कही जा रही है। गौरतलब है कि रुजिरा पहले भी सोने की तस्करी जैसे गंभीर आरोपों के कारण विवादों में रह चुकी हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं।
जांच की मांग और राजनीतिक बवाल
सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। विपक्ष और आम जनता इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। कई लोग इसे सुरक्षा और दस्तावेजों में हेराफेरी का बड़ा मामला बता रहे हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह केवल एक तकनीकी गलती है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? इस खुलासे के बाद अब सबकी निगाहें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की ओर टिकी हैं, जिनसे इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। फिलहाल, इन दस्तावेजों की सच्चाई सामने आना अभी बाकी है, लेकिन इसने बंगाल की राजनीति में नया विवाद जरूर पैदा कर दिया है।
READ MORE: घटती जन्मदर से परेशान सनकी किंग, कर्मचारियों के लिए जारी किया नया फरमान

