CM Bhagwant Singh Mann Shukrana Yatra: पंजाब में आज शुकराना यात्रा को शुरू हुए दूसरा दिन है। आज यात्रा जालंधर से शुरू हुई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर में शुकराना यात्रा के दूसरे दिन बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि किसी बेअदबी मामले में मानसिक रोगी शामिल पाया जाता है, तो उसके परिवार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मानसिक बीमारी का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब ऐसे मामलों में परिजनों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
बेअदबी मामलों पर सरकार सख्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जाएगा कि किसी मानसिक रोगी को घर से सिखाकर बेअदबी के लिए भेज दिया जाए और बाद में परिवार खुद को अलग कर ले। उन्होंने साफ किया कि पंजाब सरकार गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
जालंधर में हुई दूसरे दिन की शुरुआत
श्री आनंदपुर साहिब से शुरू हुई शुकराना यात्रा बुधवार रात जालंधर पहुंची। वीरवार सुबह मुख्यमंत्री ने जालंधर सेंट्रल के वरिंदर सिंह घुम्मण पार्क में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद उनका आदमपुर में नुक्कड़ सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम तय किया गया।
अमृतसर होते हुए दमदमा साहिब जाएंगे CM
सरकारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री जालंधर और आदमपुर के बाद अमृतसर के रास्ते बठिंडा जिले के तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब के लिए रवाना होंगे। यह यात्रा पंजाब के कई धार्मिक और राजनीतिक रूप से अहम स्थानों से होकर गुजरेगी।
आनंदपुर साहिब से हुई थी यात्रा की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बुधवार को खालसा पंथ की जन्मस्थली तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर राज्यव्यापी शुकराना यात्रा की शुरुआत की थी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आनंदपुर साहिब से सांसद मलविंदर सिंह कंग भी मौजूद रहे।
नए बेअदबी कानून के बाद निकाली जा रही यात्रा
पंजाब सरकार यह यात्रा हाल ही में लागू किए गए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026’ के बाद निकाल रही है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की बेअदबी रोकना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
लोगों की भावनाओं के अनुसार उठाया कदम
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लंबे समय से लोग बेअदबी की घटनाओं पर कड़े कानून की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता और सिख समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। उनके अनुसार पंजाब सरकार गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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