पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सत्ता पर कब्जा जमाया है, वहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए कहा कि वह अब कोई उपचुनाव नहीं लड़ेंगी। चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि “सत्ता रहे या जाए, लेकिन मैं लोकतंत्र की इस लूट के सामने समर्पण नहीं करूंगी।”
उपचुनाव से किया इनकार
ममता बनर्जी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि जब चुनावी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हों, तो उपचुनाव लड़ने का कोई महत्व नहीं रहता। उन्होंने संकेत दिया कि वह अब जनता के बीच रहकर राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगी, लेकिन चुनावी मैदान में दोबारा उतरने से फिलहाल दूरी बनाए रखेंगी।
शुभेंदु अधिकारी ने दी ममता को शिकस्त
इस चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए बंगाल की सत्ता पर पहली बार मजबूत पकड़ बनाई है। टीएमसी, जो पिछले चुनाव में भारी बहुमत के साथ सत्ता में थी, इस बार बड़ी हार का सामना करना पड़ा और सीटों में भारी गिरावट दर्ज हुई। ममता बनर्जी को इस बार व्यक्तिगत तौर पर भी बड़ा झटका लगा है। उनकी परंपरागत सीट भवानीपुर, जिसे उनका गढ़ माना जाता था, वहीं से उन्हें भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के हाथों करीब 15 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा। यह वही सीट है जहां से ममता ने पहले उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद संभाला था, लेकिन इस बार नतीजे पूरी तरह उलट गए।
15 साल के शासन के बाद TMC का राज खत्म
करीब 15 साल तक बंगाल की सत्ता पर काबिज रहने के बाद ममता बनर्जी अब एक नए राजनीतिक दौर का सामना कर रही हैं। सत्ता से बाहर होने के साथ-साथ उनके सामने पार्टी को मजबूत बनाए रखने और अपनी राजनीतिक पकड़ बरकरार रखने की बड़ी चुनौती है।
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