पंजाब(Punjab) में मतदाता सूची को किसी भी त्रुटि से रहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस व्यापक प्रक्रिया के तहत राज्य के लगभग 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार से अधिक मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। चुनाव अधिकारियों का लक्ष्य मतदाता सूची से फर्जी, डुप्लीकेट और मृत व्यक्तियों के नामों को हटाकर इसे अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। अंतिम संशोधित मतदाता सूची 1 अक्टूबर को जारी किए जाने की संभावना है।
इस अभियान के पहले चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी अन्य तैयारियां भी पूरी की जाएंगी। यह प्रारंभिक चरण 24 जून तक चलेगा जिसके बाद वास्तविक सत्यापन अभियान शुरू किया जाएगा।
घर-घर जाकर जुटाई जाएगी जानकारी
25 जून से 24 जुलाई तक बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान वे निर्धारित प्रपत्र भरवाएंगे और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक बीएलओ को औसतन लगभग 300 घरों और करीब 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारंभिक मसौदा प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद नागरिकों को अपनी आपत्तियां और दावे प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
यह अवधि 3 अगस्त से 2 सितंबर तक निर्धारित की गई है। प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड को केवल पहचान के एक स्रोत के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसे अंतिम और एकमात्र प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सत्यापन के दौरान अन्य दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड का भी मिलान किया जाएगा ताकि मतदाता विवरण की पुष्टि की जा सके।
कई चरणों में होगा सत्यापन
बीएलओ मतदाताओं को फॉर्म उपलब्ध कराने के बाद उन्हें जमा करवाने के लिए कम से कम तीन बार संपर्क करेंगे। इस दौरान जन्मतिथि, पारिवारिक विवरण और अन्य आवश्यक सूचनाओं का रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं था लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम सूची में मौजूद था उनके दस्तावेजों की भी विशेष रूप से जांच की जाएगी।
ऑनलाइन भी मिलेगी सुविधा
मतदाता आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पुराने रिकॉर्ड और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति किसी नाम को मतदाता सूची से हटवाना चाहता है तो उसे फॉर्म-7 भरना होगा। वहीं विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक जिन्होंने किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण नहीं की है, फॉर्म-6ए के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।