ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपने पहले सार्वजनिक बयान में कड़ा रुख अपनाते हुए खाड़ी क्षेत्र और पश्चिमी देशों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान पर हमले जारी रहेंगे, तब तक खाड़ी देशों में स्थित विरोधी ताकतों के ठिकानों पर ईरानी हमले भी जारी रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने की रणनीति भी जारी रह सकती है।
पहला बयान और कड़ा संदेश
अपने पहले संदेश में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने “शहीदों के खून का बदला लेने” के लिए पूरी तरह तैयार है और देश किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने और उनके सहयोगी देशों के ठिकाने ईरान के निशाने पर रहेंगे।
खामेनेई ने कहा कि ईरान की रणनीति स्पष्ट है—अगर देश की संप्रभुता और सुरक्षा पर खतरा होगा तो उसका जवाब सैन्य और रणनीतिक दोनों स्तरों पर दिया जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा संकेत
नए सुप्रीम लीडर ने अपने बयान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को “रणनीतिक हथियार” बताते हुए कहा कि इसे बंद रखने की ताकत ईरान के पास है और जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
मिडिल ईस्ट में पहले से जारी तनाव
दरअसल, अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच मिडिल ईस्ट में हालात पहले से ही बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल के दिनों में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई ठिकानों और जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लंबे समय तक बंद रहता है तो तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है और दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।
पिता की मौत के बाद सत्ता में आए मोजतबा
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया। इसके बाद यह उनका पहला आधिकारिक संदेश माना जा रहा है।

