Delhi University ने छात्रों के लिए एक अहम शैक्षणिक पहल की दिशा में कदम बढ़ाया है। यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने ‘सेमेस्टर अवे प्रोग्राम’ (SAP) को लागू करने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक विशेष समिति गठित करने का फैसला लिया है। इस योजना के जरिए छात्रों को अपनी पढ़ाई का एक सेमेस्टर विदेश की किसी यूनिवर्सिटी में पूरा करने का अवसर मिल सकता है, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर का अनुभव हासिल होगा।
यह कार्यक्रम खासतौर पर अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए तैयार किया गया है और ‘अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 2022’ का हिस्सा है। इसका उद्देश्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक माहौल से जोड़ना और उनकी समझ को व्यापक बनाना है।
विस्तृत जांच के लिए बनाई गई समिति
इस प्रस्ताव की विस्तृत जांच के लिए बनाई गई समिति की अध्यक्षता डीन ऑफ कॉलेजेज बलराम पानी करेंगे। समिति विभिन्न पक्षों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, जिसके आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी ने सेंट स्टीफंस कॉलेज में नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए भी एक अलग कमेटी बनाई है। बताया गया है कि चयन प्रक्रिया में कुछ नियमों का पालन नहीं हुआ, जिसकी जांच की जाएगी।
SWAYAM जैसे प्लेटफॉर्म से मिलेगी मदद
शैक्षणिक लचीलापन बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी ने यह भी तय किया है कि छात्र अब अपने कुल अंकों का एक हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से भी अर्जित कर सकेंगे। SWAYAM जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए पढ़ाई को और सुविधाजनक बनाया जाएगा। साल 2026-27 से BA प्रोग्राम में भी बदलाव प्रस्तावित हैं। जिन विषयों में छात्रों की संख्या कम है, उन्हें अन्य विषयों के साथ जोड़ा जा सकता है, हालांकि किसी कोर्स को बंद या नया शुरू करने की योजना नहीं है।
नई इमारत के निर्माण को मंजूरी
इसी के साथ, मॉरिस नगर में इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंस के लिए नई इमारत के निर्माण को मंजूरी दी गई है। साथ ही बौद्ध अध्ययन के लिए एक नए केंद्र की स्थापना भी प्रस्तावित है। इन कदमों के जरिए यूनिवर्सिटी शिक्षा के स्तर और सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।