छत्तीसगढ़ के महासमुंद में LPG घोटाले ने प्रशासनिक सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन टैंकरों को कानूनन सुरक्षित रखा जाना था, उन्हीं से करोड़ों रुपये की गैस निकालकर बेच दी गई। पुलिस जांच में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव का नाम सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस का दावा है कि करीब 1.5 करोड़ रुपये की LPG अवैध तरीके से बेची गई और इस पूरे नेटवर्क को सरकारी सिस्टम के अंदर बैठकर ऑपरेट किया गया। अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कैसे शुरू हुआ पूरा खेल?
यह मामला छह LPG टैंकरों से जुड़ा है जिन्हें दिसंबर 2025 में जब्त किया गया था। गर्मी बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर टैंकरों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का फैसला लिया। यहीं से घोटाले की कहानी शुरू हुई। जांच के मुताबिक 23 मार्च को जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव और गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर के बीच पहली मीटिंग हुई। आरोप है कि इसी बैठक में टैंकरों से गैस निकालकर बेचने की योजना बनी। बाद में रायपुर के मनीष चौधरी को भी इस नेटवर्क में शामिल किया गया।
100 टन गैस का आकलन
पुलिस के अनुसार 26 मार्च को आरोपी सिंहोड़ा थाना पहुंचे और टैंकरों में मौजूद LPG का अनुमान लगाया गया। जांच में सामने आया कि टैंकरों में 100 मीट्रिक टन से ज्यादा गैस भरी थी। इसके बाद खरीदार तलाशने का काम शुरू हुआ। आखिरकार ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के साथ करीब 80 लाख रुपये में डील तय की गई।
किसे कितना पैसा मिलना था?
पुलिस के मुताबिक घोटाले में रकम का बंटवारा पहले से तय था। अजय यादव को 50 लाख रुपये, पंकज चंद्राकर को 20 लाख रुपये और मनीष चौधरी को 10 लाख रुपये मिलने थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि सुपुर्दगी पूरी होते ही हिस्सेदारी का पैसा भी बांट दिया गया था।
40 सदस्यीय टीम ने खोला नेटवर्क
इस पूरे केस की जांच के लिए 40 सदस्यीय टीम बनाई गई थी। कॉल डिटेल, दस्तावेज, तकनीकी डेटा और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर और मनीष चौधरी को गिरफ्तार किया। आरोपियों से 6 लाख रुपये से ज्यादा नकदी, मोबाइल फोन और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। कई और नाम सामने आने की आशंका है। पुलिस ने आरोपियों पर आपराधिक साजिश, जालसाजी, सरकारी माल की कालाबाजारी और भरोसा तोड़ने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है।
राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।