जून महीने की शुरुआत के साथ देशभर में कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का असर आम नागरिकों, व्यापारियों, निवेशकों और उपभोक्ताओं पर अलग-अलग रूप में दिखाई देगा। डिजिटल भुगतान से लेकर गैस सिलेंडर की कीमतों, कर व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक कई क्षेत्रों में नए प्रावधान लागू किए गए हैं। डिजिटल भुगतान को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए यूपीआई प्रणाली में नया बदलाव लागू किया गया है।
अब जब कोई व्यक्ति यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजेगा तो उसे प्राप्तकर्ता का बैंक में दर्ज वास्तविक नाम दिखाई देगा। इससे गलत खाते में पैसे ट्रांसफर होने और फर्जी पहचान के जरिए होने वाली धोखाधड़ी की संभावनाएं कम होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में लोगों का भरोसा और मजबूत करेगा।
कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की गई है। नई दरों के अनुसार सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये का इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर खाद्य व्यवसायों पर पड़ सकता है। संभावना है कि कुछ क्षेत्रों में खाने-पीने की वस्तुओं और सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है क्योंकि व्यवसायों का परिचालन खर्च बढ़ेगा।
ईंधन निर्यात से जुड़े कर में राहत
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन के निर्यात पर लगाए जाने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है। नई कर दरें 1 जून से प्रभावी हो चुकी हैं। सरकार का यह कदम ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों को राहत देने और निर्यात गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय ईंधन कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत हो सकती है।
सोलर ऊर्जा क्षेत्र में लागू हुए नए नियम
देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। अब सरकारी योजनाओं और सब्सिडी आधारित परियोजनाओं में केवल उन्हीं सोलर मॉड्यूल और सेल का उपयोग किया जाएगा जो सरकार की स्वीकृत सूची में शामिल होंगे। इस कदम का उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं को विश्वसनीय तकनीक उपलब्ध कराना है।
भारत-ओमान व्यापार संबंधों को मिलेगा बढ़ावा
भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से जुड़े नए प्रावधान भी आज से प्रभावी हो गए हैं। इन नियमों के लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निर्यातकों, आयातकों और कई उद्योग क्षेत्रों को नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
इसके अलावा, वित्तीय लेन-देन को सरल बनाने के लिए पैन कार्ड से जुड़े कुछ नियमों में संशोधन किया गया है। अब एक दिन में 50 हजार रुपये से अधिक नकद जमा करने पर पैन नंबर देना अनिवार्य नहीं रहेगा।