अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नए विवाद के संकेत सामने आए हैं। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि समझौते के उल्लंघन और क्षेत्रीय घटनाक्रमों के चलते जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही रोकने का फैसला किया गया है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है।
समझौते के उल्लंघन का लगाया आरोप
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरानी पक्ष ने अमेरिका पर हालिया समझौते का पालन नहीं करने और इजरायल पर प्रभावी दबाव न बनाने का आरोप लगाया है। ईरानी सैन्य कमान ने इसे शुरुआती कदम बताते हुए चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं बदले तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
अमेरिका ने बंद होने के दावों को किया खारिज
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुए 14-सूत्रीय समझौते के तहत संघर्ष विराम जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ऐसा कोई संकेत नहीं है जिससे यह साबित हो कि होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
लेबनान में हमलों से बढ़ी चिंता
इसी बीच, संघर्ष विराम और समझौते की खबरों के कुछ घंटे बाद दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों की खबरें सामने आईं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में कई लोगों की मौत हुई है। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और हालिया कूटनीतिक प्रयासों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
हमने अपने वादे निभाए – ईरान
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान ने समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन किया है और अब अमेरिका की जिम्मेदारी है कि वह अपने वादों को लागू करे। उन्होंने कहा कि अगर दूसरी तरफ से किए गए वादे पूरे नहीं हुए तो समझौते को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग माना जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, शिपिंग उद्योग और वैश्विक व्यापार पर असर डाल सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि हालिया समझौता आगे बढ़ता है या नए विवाद इसे कमजोर कर देते हैं।
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