सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने देश के तीन बड़े सरकारी बैंकों SBI, PNB और केनरा बैंक Canara Bank के विलय को मंजूरी दे दी है। इस दावे के सामने आने के बाद लाखों बैंक ग्राहकों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। हालांकि, सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी ने इस वायरल दावे की सच्चाई बताई है।
किन बैंकों के नाम का किया जा रहा है दावा?
वायरल पोस्ट में कहा गया है कि देश के तीन प्रमुख सरकारी बैंक SBI, PNB और Canara Bank को एक साथ मिलाया जाएगा। इनमें SBI देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जबकि PNB और Canara Bank भी प्रमुख सरकारी बैंकों में शामिल हैं।
An image circulating on social media platforms falsely claims that the Government has approved the merger of Punjab National Bank (PNB), Canara Bank, and State Bank of India (SBI).#PIBFactCheck
❌ This claim is #FAKE.
✅ The Government of India has NOT approved any proposal… pic.twitter.com/0A7gJZznHT
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 29, 2026
PIB Fact Check ने बताई सच्चाई
सरकार की फैक्ट-चेक इकाई PIB Fact Check ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट जारी कर इस दावे का खंडन किया है। एजेंसी ने वायरल तस्वीर साझा करते हुए उस पर स्पष्ट रूप से “FAKE” लिखा और कहा कि सरकार ने इन तीनों बैंकों के विलय से जुड़ा कोई फैसला नहीं लिया है।
सरकार ने क्या कहा?
PIB के अनुसार, भारत सरकार ने SBI, PNB और Canara Bank के विलय के किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर पूरी तरह मनगढ़ंत है और उसका किसी सरकारी आदेश या विश्वसनीय समाचार स्रोत से कोई संबंध नहीं है।Read More
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