Under 19 Indian Cricket Team: पंजाब के जालंधर के रहने वाले अर्जुन राजपूत ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में जगह बनाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। साधारण परिवार से आने वाले अर्जुन अब अगले महीने श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम का हिस्सा बनेंगे। उनका चयन उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
श्रीलंका दौरे पर पहनेंगे टीम इंडिया की जर्सी
भारतीय अंडर-19 टीम 4 जुलाई को श्रीलंका दौरे के लिए रवाना होगी। इस दौरे पर अर्जुन देश की नीली जर्सी पहनकर मैदान में उतरेंगे। परिवार और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में शानदार प्रदर्शन कर टीम के लिए अहम योगदान देंगे।
लेफ्ट हैंड बल्लेबाज और ऑफ स्पिनर हैं अर्जुन
अर्जुन राजपूत बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जबकि गेंदबाजी में वह दाएं हाथ से ऑफ स्पिन करते हैं। उनकी ऑलराउंड क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है।
#WATCH | Punjab | Arjun Rajput, the son of Hoti Ram—who runs a chhole-kulcha street stall in Jalandhar, has been selected for the Indian Under-19 cricket team, which will tour Sri Lanka on July 4th
He says, "I started at the age of 8-9 years at Harbhajan Academy. The journey was… pic.twitter.com/b7cr6FrFTe
— ANI (@ANI) June 12, 2026
हरभजन सिंह क्रिकेट अकादमी से मिली पहचान
अर्जुन ने क्रिकेट की शुरुआती ट्रेनिंग हरभजन सिंह क्रिकेट अकादमी में ली। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। इस दौरान कोच विक्रम सिद्धू ने उनका लगातार मार्गदर्शन किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बचपन से देखा था क्रिकेटर बनने का सपना
अर्जुन ने बताया कि उन्होंने आठ-नौ साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। भारतीय टीम में चयन को उन्होंने अपने जीवन का सबसे खुशी भरा पल बताया। उन्होंने कहा कि श्रीलंका दौरे पर टीम का लक्ष्य अच्छा प्रदर्शन करना, सभी मैच जीतना और देश के लिए ट्रॉफी हासिल करना होगा।
परिवार के सहयोग को दिया सफलता का श्रेय
अर्जुन ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि जब भी वह निराश होते थे, परिवार उनका हौसला बढ़ाता था। यही समर्थन उन्हें लगातार मेहनत करने की ताकत देता रहा और आज वह इस मुकाम तक पहुंच सके हैं।
पिता की मेहनत ने बेटे के सपनों को दी उड़ान
अर्जुन के पिता होती राम जालंधर के डीएवी कॉलेज के बाहर वर्षों से छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाते हैं। अर्जुन ने कहा कि उनके पिता ने उनके सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की है। अब उनकी इच्छा है कि वह अपने प्रदर्शन से परिवार के सपनों को पूरा करें और पिता को मेहनत भरी जिंदगी से राहत दिला सकें।
भावुक हुआ परिवार
पिता होती राम ने बताया कि अर्जुन बचपन से क्रिकेट के प्रति समर्पित रहा है और उसने दिन-रात मेहनत की है। भारतीय अंडर-19 टीम में चयन की खबर मिलने के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं अर्जुन की मां नन्ही देवी ने इसे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया।
नीली जर्सी में बेटे को देखने का सपना हुआ पूरा
अर्जुन की बहन किरण राजपूत ने कहा कि उनके भाई ने लंबे समय तक लगातार मेहनत की और पूरा परिवार हर कदम पर उसके साथ खड़ा रहा। अब उसकी मेहनत रंग लाई है और परिवार का उसे भारतीय टीम की नीली जर्सी में देखने का सपना पूरा होने जा रहा है।
संघर्ष से सफलता तक की कहानी
जालंधर की गलियों से निकलकर भारतीय अंडर-19 टीम तक पहुंचने वाले अर्जुन राजपूत की कहानी यह साबित करती है कि सफलता का रास्ता आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि मेहनत, समर्पण और परिवार के समर्थन से तय होता है। अब सभी की निगाहें श्रीलंका दौरे पर उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं।
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