Tulsi Gabbard Resigns Trump Reaction: ट्रंप प्रशासन में डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (DNI) रहीं तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पति अब्राहम विलियम्स को हड्डियों के कैंसर की बीमारी हुई है, जिसके कारण वह उनके साथ समय बिताना चाहती हैं। तुलसी गबार्ड 30 जून तक अपने पद पर बनी रहेंगी।
ओवल ऑफिस में ट्रंप को दी जानकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर अपने फैसले की जानकारी दी। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि इस कठिन समय में उनके लिए पति का साथ देना सबसे ज्यादा जरुरी है। तुलसी गबार्ड ने ट्रंप का धन्यवाद करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ साल तक ODNI की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए सम्मान की बात रही।
पति को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा
तुलसी गबार्ड ने अपने पति अब्राहम विलियम्स को पिछले 11 सालों से अपनी जिंदगी का सबसे मजबूत सहारा बताया। उन्होंने कहा कि सैन्य सेवा, राजनीतिक जीवन और खुफिया एजेंसी में काम करने के दौरान हर मुश्किल समय में उनके पति ने उनका साथ दिया। तुलसी गबार्ड ने कहा कि वह ऐसे समय में अपने पति को अकेला छोड़कर सरकारी जिम्मेदारियां नहीं निभा सकतीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पद छोड़ने से पहले जिम्मेदारियों का सही से निभाएंगी।
ट्रंप ने की नए कार्यवाहक की घोषणा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनके इस्तीफे को एक्सेप्ट कर लिया है । उन्होंने कहा कि तुलसी गबार्ड अपने पति के इलाज और देखभाल के लिए पद छोड़ रही हैं। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि अब्राहम जल्द स्वस्थ होंगे। साथ ही उन्होंने प्रिंसिपल डिप्टी डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस आरोन लुकास को कार्यवाहक DNI नियुक्त करने का ऐलान किया।
अमेरिकी नेताओं ने जताई संवेदना
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने तुलसी गबार्ड की तारीफ करते हुए उन्हें सच्ची देशभक्त बताया। उन्होंने कहा कि परिवार सबसे पहले आता है। वहीं अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham ने गबार्ड के परिवार के लिए प्रार्थना करने की बात कही। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच ने भी देश के लिए उनके योगदान की सराहना की।
ईरान के बयान से बढ़ी चर्चा
तुलसी गबार्ड के इस्तीफे पर ईरान के रिएक्शन ने भी लोगों का ध्यान खींचा। Embassy of Iran in Armenia ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि गबार्ड ने कई बार ईरान को लेकर ऐसी बातें कही थीं जो ट्रंप को पसंद नहीं थीं। ईरानी दूतावास ने अब्राहम के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि गबार्ड कई बार अमेरिका के हित में बोलती थीं, न कि इजरायल के प्रभाव में।
US Director of National Intelligence Tulsi Gabbard tenders resignation, citing the health of her husband, Abraham, who has been diagnosed with an extremely rare form of bone cancer
She tweets, "…I must submit my resignation, effective June 30, 2026. My husband, Abraham, has… https://t.co/yEUvuiXiWi pic.twitter.com/u8vdwjWsLc
— ANI (@ANI) May 22, 2026
पहली हिंदू अमेरिकी नेता के रूप में मिली पहचान
43 वर्षीय तुलसी गबार्ड अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली पहली हिंदू नेता रही हैं। हालांकि उनका जन्म अमेरिकन समोआ में हुआ था, लेकिन हिंदू धर्म से जुड़ाव के कारण भारत में भी उनकी काफी चर्चा रही। उनकी परवरिश हवाई और फिलीपींस में हुई। उनकी मां कैरोल पोर्टर गबार्ड बाद में हिंदू धर्म की ओर आकर्षित हुईं और उन्होंने अपने बच्चों के नाम भी हिंदू नामों पर रखे।
कार्यकाल में लिए कई बड़े फैसले
DNI के रूप में तुलसी गबार्ड ने अमेरिकी खुफिया तंत्र में कई अहम बदलाव किए। उन्होंने एजेंसी के ढांचे में सुधार, कर्मचारियों की संख्या कम करने और डाइवर्सिटी, इक्विटी एंड इंक्लूजन (DEI) कार्यक्रमों को खत्म करने जैसे फैसले लिए। उनके कार्यकाल में पांच लाख से ज्यादा सरकारी दस्तावेज सार्वजनिक किए गए, जिनमें ट्रंप-रूस जांच, John F. Kennedy और Robert F. Kennedy की हत्या से जुड़ी फाइलें भी शामिल थीं।
ट्रंप प्रशासन में लगातार बढ़ रहे इस्तीफे
हालांकि मामले से जुड़े कुछ लोगों का दावा है कि तुलसी गबार्ड पर व्हाइट हाउस की ओर से पद छोड़ने का दबाव था। उनका इस्तीफा ट्रंप प्रशासन में हाल के महीनों में हुए कई बड़े बदलावों की कड़ी माना जा रहा है। इससे पहले होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम, अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी और लेबर सेक्रेटरी लोरी चावेज-डेरेमर भी पद छोड़ चुके हैं। इसके अलावा सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी अचानक हटाया गया था।
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