महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे सहित कई हिस्सों में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन और यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। पुणे जिले में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण भूस्खलन और दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग बारिश से संबंधित अलग-अलग घटनाओं में बह गए। वहीं, 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मुंबई-पुणे क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों शहरों के बीच 94 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे सहित रेल और सड़क यातायात ठप हो गया। महानगर और उसके आसपास के इलाकों में हुई इस भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं और भारी संख्या में पेड़ उखड़ गए। इसके साथ ही, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हाल ही में शुरू हुए ‘मिसिंग लिंक’ खंड पर भी वाहनों की रफ्तार थम गई।
भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ बाइपास खंड के मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग को 18 घंटे से अधिक समय तक बंद रहने के बाद सोमवार रात यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र राज्य पथ विकास निगम (एमएसआरडीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का सुरक्षा निरीक्षण पूरा होने के बाद रात 10 बजकर 10 मिनट पर यातायात बहाल कर दिया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी ‘रेड अलर्ट’ के बाद एहतियात के तौर पर सोमवार को मुंबई के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहे।
महाराष्ट्र सरकार ने निजी प्रतिष्ठानों को भी सलाह दी है कि वे जहां तक संभव हो कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दें। इसके साथ ही, गैर-आवश्यक सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए आधे दिन के अवकाश की घोषणा की गई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह आठ बजे से शाम छह बजे के बीच शहर में औसतन 28.2 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमशः 61.75 मिमी और 65.45 मिमी बारिश दर्ज की गई।

