NEET-UG 2026 परीक्षा के एक अभ्यर्थी को अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने को लेकर उठे विवाद पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। एजेंसी का कहना है कि उसके डिजिटल रिकॉर्ड और वेबसाइट की गतिविधियों से यह संकेत मिलता है कि परीक्षा शहर में बदलाव अभ्यर्थी के पंजीकृत लॉगिन के माध्यम से ही किया गया था।
एनटीए के अनुसार, परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव के बाद उम्मीदवारों को सुविधा देने के लिए एग्जाम सिटी करेक्शन विंडो दोबारा खोली गई थी। इस दौरान लाखों छात्रों ने अपने परीक्षा शहर से संबंधित विकल्पों में संशोधन किया। एजेंसी का दावा है कि अधिकांश अभ्यर्थियों को उनकी प्राथमिकताओं के अनुरूप परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराए गए।
NTA ने क्या कहा ?
अबू धाबी केंद्र से जुड़े मामले में NTA ने बताया कि उसके तकनीकी रिकॉर्ड में कई बार अभ्यर्थी के खाते से अबू धाबी विकल्प को देखा और चुना गया था। एजेंसी के अनुसार, एक अवसर पर परीक्षा शहर को आधिकारिक रूप से अबू धाबी में बदला गया जबकि अन्य मौकों पर भी इसी शहर का चयन या पूर्वावलोकन किया गया था। रिकॉर्ड में लगातार एक ही यूजर अकाउंट से गतिविधियां दर्ज होने की बात भी कही गई है।
हालांकि, परीक्षा से लगभग दो दिन पहले एजेंसी को परीक्षा केंद्र बदलने का अनुरोध प्राप्त हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने मामले को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। NTA के मुताबिक, अभ्यर्थी के परिवार से संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए नागपुर में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया।
पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित की जाएगी परीक्षा
एजेंसी ने कहा कि उसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अधिकतम सुविधा प्रदान करना है और किसी भी छात्र को तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से परीक्षा देने से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। इसी नीति के तहत केंद्र बदलने का अनुरोध स्वीकार किया गया। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब नागपुर के एक छात्र के परिवार ने दावा किया कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान स्थानीय शहरों को प्राथमिकता दी गई थी।
लेकिन प्रवेश पत्र में विदेश स्थित परीक्षा केंद्र का उल्लेख था। इस पर सवाल उठने के बाद एनटीए ने अपने रिकॉर्ड सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है। फिलहाल, एजेंसी देशभर में होने वाली नीट यूजी 2026 पुनर्परीक्षा की तैयारियों में जुटी हुई है। परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित की जाएगी। जिसमें भारत और विदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।