गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू रेलवे स्टेशन पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जयपुर में अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रही एक माँ और बेटी की ट्रेन की चपेट में आने से दुखद मौत हो गई। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय ममता और उनकी 65 वर्षीय माँ मधुबाला के रूप में हुई है, जो अलियार ढाना गाँव की रहने वाली थीं। बताया जा रहा है कि ये दोनों महिलाएँ रेलवे स्टेशन पर टिकट खरीदने के लिए पटरियों को पार करते हुए एक स्थानीय शॉर्टकट का इस्तेमाल कर रही थीं, तभी एक तेज़ रफ़्तार ट्रेन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
दो ट्रेनों के बीच फंसी जान
परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब ममता और मधुबाला एक साथ ट्रैक पार कर रही थीं, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य उनसे कुछ दूरी पर थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक ट्रैक पर रेवाड़ी की ओर से ट्रेन आ रही है। उस ट्रेन से बचने के लिए दोनों महिलाएं बगल वाले ट्रैक पर जाकर खड़ी हो गईं। लेकिन दुर्भाग्यवश, उसी ट्रैक पर बीकानेर-दिल्ली सराय रोहिला सुपरफास्ट ट्रेन बेहद तेज गति से आ गई। महिलाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे सीधे इंजन की चपेट में आ गईं।
दिल दहला देने वाला मंजर
चश्मदीदों ने बताया कि ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर लगते ही मां-बेटी के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। ट्रेन उन्हें करीब 200 मीटर की दूरी तक घसीटती हुई ले गई। मौके पर एक महिला का कटा हुआ हाथ और एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। घटना के बाद स्टेशन पर चीख-पुकार मच गई और वहां मौजूद लोग इस मंजर को देखकर सन्न रह गए।
पुलिस की कार्रवाई और शिनाख्त
हादसे की सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जांच अधिकारी बाबूलाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक पर बिखरे शरीर के अंगों को इकट्ठा किया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। पुलिस के अनुसार, एक शव की पहचान करना मुश्किल हो रहा है क्योंकि वह पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका है, जबकि दूसरे शव की शिनाख्त की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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