पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के चचेरे भाई और भारतीय खेल जगत की बड़ी हस्ती राजा रणधीर सिंह ने 79 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली।राजा रणधीर सिंह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने 27 मई को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर आखिरी सांस ली। आज हरिद्वार के चांदी घाट पर दोपहर 3 बजे अंतिम संस्कार किया गया। साथ ही, मौजूद सभी लोगों ने नम आंखों से भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दी जानकारी
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की जानकारी साझा की। उन्होंने भावुक संदेश में लिखा कि उनके भाई राजा रणधीर सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। साथ ही, उन्होंने कहा कि वाहेगुरु जी दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में निवास बख्शें और शाश्वत शांति प्रदान करें।
With deep sorrow, I regret to inform you all that my brother, Raja Randhir Singh Ji, has passed away.
May Waheguru Ji grant eternal peace to the departed soul. pic.twitter.com/zUF5pCl8DU
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) May 27, 2026
भारतीय खेल जगत को बड़ा झटका
राजा रणधीर सिंह का निधन भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ी और खेल प्रशासक दोनों रूपों में देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा किया। उनके निधन की खबर सामने आते ही खेल, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने दुख जताते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

एशियाई खेलों में रचा था इतिहास
राजा रणधीर सिंह देश के बेहतरीन ट्रैप और स्कीट शूटरों में गिने जाते थे। उन्होंने 1978 के बैंकॉक एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास बनाया था। वह एशियाई खेलों में शूटिंग का गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
पांच ओलंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व
राजा रणधीर सिंह 1968 से 1984 के बीच लगातार पांच ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनका खेलों के प्रति समर्पण और प्रदर्शन लंबे समय तक खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना रहा। खिलाड़ी जीवन के बाद भी राजा रणधीर सिंह खेल प्रशासन से जुड़े रहे। उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) में महासचिव के रूप में काम किया और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के सदस्य भी रहे। साथ ही, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। खेलों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 1979 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
देशभर में लोग दे रहे भावपूर्ण श्रद्धांजलि
राजा रणधीर सिंह के निधन के बाद देशभर से श्रद्धांजलि संदेश सामने आ रहे हैं। खेल हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और आम लोगों ने उन्हें भारतीय खेलों का बड़ा स्तंभ बताते हुए याद किया है। भारतीय खेलों को आगे बढ़ाने में उनके योगदान और खिलाड़ियों के मार्गदर्शन को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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