Iran-US Peace Deal: ट्रम्प के दावे के अनुसार रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होना था। उनका दावा है कि दोनों देशों के बीच रविवार को शांति समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। ट्रम्प के अनुसार समझौते के तुरंत बाद दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा।
ट्रम्प ने यूरेनियम पर भी दिया बयान
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि हालात सामान्य होने के बाद अमेरिका ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को निकालकर नष्ट करेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि, यदि यह प्रक्रिया सफल नहीं होती है तो अमेरिका के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि वह ऐसे विकल्पों का दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहते।
ईरान ने समझौते की तारीख से किया इनकार
ट्रम्प के दावे के कुछ ही समय बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने उनके इस दावे को ख़ारिज कर दिया। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच किसी शांति समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक किसी निश्चित तारीख पर सहमति नहीं बनी है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान की नई तैयारी
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही की निगरानी और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए नियम लागू कर रहा है। प्रवक्ता के अनुसार भविष्य में इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बदले शुल्क या टैक्स भी लिया जा सकता है।
अंतरिम समझौते की चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच पहले एक अंतरिम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। इसके बाद लगभग 60 दिनों तक कई अहम मुद्दों पर तकनीकी वार्ता चलने की संभावना है। इस दौरान परमाणु, प्रतिबंधों में संभावित राहत और होर्मुज स्ट्रेट के संचालन जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
वैश्विक व्यापार पर रहेगा असर
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समझौते या नए नियमों का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। यही वजह है कि इस मामले पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।
अंतिम फैसला अभी बाकी
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बयानों में साफ अंतर दिखाई दे रहा है। जहां ट्रम्प समझौते को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं, वहीं ईरान किसी निश्चित तारीख की पुष्टि करने से बच रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी।
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