मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच भारत के कच्चे तेल से भरे टैंकर ने सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट(Strait of Hormuz) को पार कर लिया है। सुरक्षित रूप से इस बड़े और तनाव ग्रस्त मार्ग को पार करने की खबर उस समय पर सामने आई है जब दो अन्य भारतीय जहाजों के ऊपर गोलीबारी करके की गई थी और उन्हें वापिस लौटने पर जबरन मजबूर होना पड़ा था। इसी बीच अपने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत ने ईरान के समक्ष अपनी चिंता व्यक्त की है।
22 अप्रैल तक पहुंच सकता है मुंबई
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच कच्चे तेल से भरे भारतीय टैंकर जिसका नाम देश गरिमा है उसने सुरक्षित रूप से 18 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया था। इसके बाद अब इस जहाज के 22 अप्रैल की तारीख को मुंबई पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है। आपको बता दें कि यह भारतीय टैंकर होर्मुज स्ट्रेट को पार करने वाला अब तक का 10वां भारतीय ध्वज वाला जहाज बन चुका है।
विदेश मंत्रालय ने ईरान से की अपील
इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से ईरान से मदद का आग्रह किया गया है, विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत की मौजूदा स्थिति को जल्द से जल्द अपने अधिकारियों तक पहुंचाएं और इस मार्ग से होकर भारत आने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराएं जिससे कि किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी सिलसिले में कल भारत में नियुक्त इस्लामी गणराज्य के ईरानी राजदूत को कल विदेश मंत्रालय द्वारा विदेश सचिव के साथ बैठक के लिए बुलाया गया था।
इसी के साथ आपको बता दें कि विदेश सचिव राजदूत के सामने जहाजों और उनके नाविकों को दी जाने वाली सुरक्षा को भी रेखांकित किया। उन्होंने साफ तौर पर अपनी बात रखते हुए कहा कि, वे समय रहते ईरान के संबंधित अधिकारियों से इस जानकारी को साझा करें और भारत का दृष्टिकोण उन्हें बताएं, और जहाजों की उस मार्ग से होने वाली आवाजाही को सुगम बनाने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरु करें।