राज्यसभा में हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर उपसभापति चुना गया है। वे लगातार तीसरी बार इस पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। उनके चयन को सदन में व्यापक समर्थन और विश्वास का संकेत माना जा रहा है। चुनाव के बाद विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें बधाई दी।
PM मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश नारायण सिंह को बधाई देते हुए कहा कि लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि सदन को उन पर गहरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि हरिवंश ने अपने अनुभव, संतुलित व्यवहार और सभी को साथ लेकर चलने की शैली से सदन को लाभ पहुंचाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे आगे भी सदन की गरिमा बनाए रखेंगे।
किसान परिवार से संसद तक का सफर
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। वे लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा से आते हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की और अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की। 1980 के दशक में उन्होंने प्रसिद्ध हिंदी पत्रिका ‘धर्मयुग’ में पत्रकार के रूप में काम शुरू किया। बाद में बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी बने, लेकिन पत्रकारिता के प्रति लगाव के कारण नौकरी छोड़कर फिर मीडिया क्षेत्र में लौट आए।
प्रभात खबर से मिली पहचान
साल 1989 में हरिवंश ‘प्रभात खबर’ से जुड़े और अपनी कार्यशैली व नेतृत्व क्षमता के दम पर आगे चलकर इसके संपादक बने। उनके नेतृत्व में अखबार ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 2014 में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उन्होंने संपादक पद से इस्तीफा दे दिया और सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
राजनीति में सीमित लेकिन प्रभावी भूमिका
राज्यसभा सदस्य बनने से पहले हरिवंश पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के राजनीतिक सलाहकार भी रह चुके हैं। हालांकि उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका सीमित रही, लेकिन संसदीय कार्यशैली और निष्पक्ष छवि के कारण उन्हें सम्मानजनक पहचान मिली।
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