देश में इस समय गर्मियों की छुट्टियों और शादी-विवाह के सीजन के चलते हवाई यात्रा अपने चरम पर है। ऐसे व्यस्त समय में जब यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है देश की दो प्रमुख एयरलाइंस – एयर इंडिया (एयर इंडिया एक्सप्रेस सहित) और इंडिगो – ने कई घरेलू उड़ानों में कटौती शुरू कर दी है। इन दोनों कंपनियों की भारतीय घरेलू विमानन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है इसलिए इनके इस फैसले का सीधा असर यात्रियों पर दिखाई देने लगा है।
विशेष रूप से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिल रहा है। उड़ानों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को महंगे टिकट, फुल फ्लाइट्स और एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
टिकट कीमतों में कितनी हुई बढ़ोतरी ?
उड़ानों की संख्या घटने का सबसे बड़ा असर किराए पर पड़ा है। कम सीटें उपलब्ध होने और यात्रियों की मांग लगातार बनी रहने के कारण टिकटों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ट्रैवल पोर्टल्स के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली से विभिन्न शहरों के लिए ‘लास्ट मिनट’ टिकटों के दाम(Flight Tickets) पिछले सप्ताह की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। दिल्ली से मुंबई के बीच चलने वाली उड़ानों में किराया सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
सामान्य दिनों में अपेक्षाकृत सस्ता मिलने वाला टिकट अब अंतिम समय में 12 हजार से 16 हजार रुपये तक पहुंच रहा है। वहीं बिजनेस क्लास का किराया 50 हजार रुपये के पार चला गया है। दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों जैसे चेन्नई और बेंगलुरु के लिए भी इकोनॉमी क्लास टिकटों की कीमत 14 से 15 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। वहीं दिल्ली से लखनऊ और पटना जैसे रूट्स पर भी पीक टाइम के दौरान किराया 7,500 से 9,000 रुपये तक देखा जा रहा है।
एयरपोर्ट पर बढ़ता दबाव
उड़ानों में कटौती के बावजूद यात्रियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। अब कम उड़ानों में ज्यादा यात्रियों को समायोजित किया जा रहा है। यही वजह है कि दिल्ली से उड़ान भरने वाली लगभग हर घरेलू फ्लाइट में सीटें पूरी तरह भरी हुई हैं। एविएशन सेक्टर से जुड़े जानकारों के मुताबिक कई रूट्स पर पैसेंजर लोड फैक्टर 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुका है, जिसका मतलब है कि अधिकांश फ्लाइट्स लगभग फुल चल रही हैं।
इसका असर एयरपोर्ट संचालन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट के विभिन्न टर्मिनलों पर सुरक्षा जांच, चेक-इन काउंटर और बोर्डिंग गेट्स पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। यात्रियों को लंबी कतारों और अतिरिक्त प्रतीक्षा समय का सामना करना पड़ रहा है।