प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत मुंबई की कंपनी ‘कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड’ और उसके डायरेक्टर धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़ी जगहों पर तलाशी ली।
संगानी एक फिल्म प्रोड्यूसर और ‘शेखर सुमन फिल्म एकेडमी’ के को-फाउंडर हैं। वह ‘शेखर टोनाइट विद शेखर सुमन’ के प्रोड्यूसर भी हैं, जिसे इस साल मई में शेखर सुमन के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ किया गया था। शेखर सुमन फिल्म एकेडमी की वेबसाइट पर धर्मेश संगानी की प्रोफाइल में लिखा है, “धर्मेश संगानी एक एंटरप्रेन्योर से फिल्म प्रोड्यूसर बने हैं, जिनकी सोच, जुनून और क्रिएटिव एजुकेशन में विश्वास ने ‘शेखर सुमन फिल्म एकेडमी’ की शुरुआत की। मज़बूत एंटरप्रेन्योर बैकग्राउंड और सिनेमा के प्रति गहरे लगाव के साथ, वह असली टैलेंट को निखारने के लिए समर्पित एक संस्थान बनाने के लिए रणनीतिक सोच और क्रिएटिव समझ को एक साथ लाते हैं।”
विदेशी बैंक अकाउंट और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांज़ैक्शन
यह तलाशी विदेशी मुद्रा उल्लंघन के एक कथित मामले के सिलसिले में ली गई थी। ED के मुताबिक, जांच करने वालों को बिना घोषित विदेशी संपत्ति, विदेशी बैंक अकाउंट और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांज़ैक्शन के सबूत मिले। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान कनाडा, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात में बिना घोषित बैंक अकाउंट और उनसे जुड़े ट्रांज़ैक्शन का पता चला, जिनकी जानकारी अधिकारियों को नहीं दी गई थी।
अधिकारियों का आरोप है कि तलाशी के दौरान संगानी ने मलाड (पश्चिम) में SV रोड पर स्थित अपनी बिल्डिंग की 13वीं मंज़िल से अपना मोबाइल फोन फेंकने की कोशिश की। बाद में ED अधिकारियों ने डिवाइस बरामद कर लिया, जिसके बाद एजेंसी ने सबूत नष्ट करने का आरोप लगाते हुए मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
सबूत नष्ट करने का आरोप
यह तलाशी कंपनी के विदेशी बिज़नेस डीलिंग की जांच के हिस्से के तौर पर ली गई थी। ED के मुताबिक, जांच में पाया गया कि कुछ विदेशी खरीदारों से मिलने वाली एक्सपोर्ट की रकम काफी समय बीतने के बावजूद भारत वापस नहीं लाई गई थी। एजेंसी का आरोप है कि एक्सपोर्ट की रकम वसूलने के लिए अधिकृत डीलर बैंक से समय बढ़ाने की कोई मंज़ूरी नहीं ली गई थी और बकाया रकम वसूलने के लिए कोई दस्तावेज़ी कोशिश भी नहीं की गई थी।
ED ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में एक्सपोर्ट इनवॉइस और शिपिंग बिल में बताए गए कंसाइनी या खरीदार के बजाय थर्ड-पार्टी संस्थाओं से एक्सपोर्ट की रकम मिली, जिससे ट्रांज़ैक्शन की प्रकृति पर शक पैदा हुआ। एजेंसी ने यह भी कहा कि अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम में कस्टम अधिकारी संगानी से जुड़े कुछ लेन-देन की अलग-अलग जांच कर रहे हैं, जबकि ED उन लेन-देन से जुड़े FEMA नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच कर रही है।
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