अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले सलीम इस्माइल डोला के नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है। एजेंसी ने मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट समेत 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
ड्रग तस्करी से जुड़े तार
ED के मुताबिक जांच उस संगठित नेटवर्क पर केंद्रित है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ है। एजेंसी का दावा है कि यह सिंडिकेट कई देशों में सक्रिय था और इसके जरिए बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार संचालित किया जाता था। हाल ही में सलीम डोला को तुर्किये से भारत लाया गया था, जिसके बाद जांच को और गति मिली।
रडार पर केमिकल सप्लायर से लेकर हवाला ऑपरेटर
इस छापेमारी के दायरे में ऐसे लोग और संस्थान शामिल हैं, जिन पर ड्रग्स निर्माण और सप्लाई चेन का हिस्सा होने का संदेह है। इनमें प्रीकर्सर केमिकल्स के सप्लायर, मेफेड्रोन (MD) बनाने वाले नेटवर्क, बिचौलिए, हवाला कारोबार से जुड़े लोग और बेनामी संपत्तियों के मालिक शामिल हैं। जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन और निवेश के स्रोतों की भी पड़ताल कर रही है।
हवाला और बेनामी निवेश के मिले संकेत
जांच के दौरान ED को ऐसे संकेत मिले हैं कि अवैध कारोबार से जमा धन को हवाला चैनलों के जरिए विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद रकम को चल-अचल संपत्तियों और अन्य निवेशों में लगाया जाता था। एजेंसी को शक है कि कई संपत्तियां बेनामी नामों पर खरीदी गई हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
वित्तीय नेटवर्क की गहराई से हो रही पड़ताल
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत चल रही इस जांच में ED अब पूरे वित्तीय नेटवर्क को खंगाल रही है। एजेंसी की नजर अकाउंटेंट, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वित्तीय सलाहकारों की भूमिका पर भी है। छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध कमाई को किस तरह वैध दिखाने का प्रयास किया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
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