ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। शिपिंग डेटा के अनुसार, अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद एक चीनी टैंकर इस मार्ग से गुजर गया, जिससे नाकाबंदी की प्रभावशीलता पर चर्चा तेज हो गई है।
चीनी टैंकर ने पार किया होर्मुज
मरीनट्रैफिक और केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, ‘रिच स्टारी’ नामक चीनी टैंकर नाकाबंदी लागू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने वाला पहला जहाज बना। यह टैंकर लगभग 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लेकर खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकला।
अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद आवाजाही
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस टैंकर और इसके मालिक शंघाई ज़ुआनरुं शिपिंग कंपनी पर पहले से ही अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए गए थे। इसके बावजूद जहाज का सुरक्षित रूप से गुजरना कई सवाल खड़े करता है। टैंकर में चीनी चालक दल मौजूद बताया गया है और यह यूएई के हमरियाह बंदरगाह से लोड होकर निकला था।
एक और टैंकर की एंट्री
डेटा से यह भी पता चला है कि ‘मुरलीकिशन’ नामक एक अन्य प्रतिबंधित टैंकर भी होर्मुज में प्रवेश कर चुका है। यह जहाज फिलहाल खाली है और अनुमान है कि यह इराक से तेल लोड करेगा। इससे क्षेत्र में गतिविधियां जारी रहने के संकेत मिलते हैं। अमेरिका ने हाल ही में ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू करने का ऐलान किया था, जिससे तेहरान ने कड़ा विरोध जताया। इस कदम के बाद क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता बढ़ गई है।
तेल बाजार पर असर
इस भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इस्लामाबाद में हुई वार्ता विफल रहने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के प्रयास जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच अगला दौर 16 अप्रैल को हो सकता है।
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