केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर एक अहम बदलाव किया है। बोर्ड की नई गाइडलाइन के मुताबिक, वर्तमान में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे छात्रों को तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
आपको बता दें कि, CBSE ने साफ किया है कि नई भाषा नीति को वर्तमान में 10वीं कक्षा के छात्रों पर लागू नहीं किया जाएगा। वे पहले से तय पाठ्यक्रम और मौजूदा नियमों के मुताबिक ही अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे। इसके अलावा, कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं में पढ़ने वाले छात्रों को भी आगे चलकर 10वीं की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा के लिए अलग से परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी।
विदेशी भाषा वाले छात्रों के लिए हुआ ये बदलाव
CBSE की ओर से जारी की गई थ्री-लैंग्वेज पॉलीसि के मुताबिक, जिन भी छात्रों ने पहले से पढ़ने के लिए 2 भाषाएं ले रखी हैं तो वे अपनी चुनी हुई भाषाओं की पढ़ाई जारी रख सकेंगे। लेकिन इसी के साथ-साथ उन्हें भाषा शिक्षा को संतुलित रखने के लिए किसी एक भारतीय भाषा का भी चयन करना होगा। इसका एक फायदा ये होगा कि छात्रों को देश की भाषाओं और संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।
पढ़ने के लिए आसान मटेरियल जारी करेगा CBSE
CBSE ने यह भी मैसेज दिया है कि छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग कक्षाओं के लिए पढ़ने के लिए आसान मटेरियल जारी किया जाएगा। इसका उद्देश्य भाषा को सीखने के तरीके को पहले से और भी ज्यादा आसान बनाना है।