बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर(Prashant Kishor) को चुनावी तैयारी के बीच बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दो प्रमुख नेताओं बिट्टू सिंह और केसी सिन्हा ने जन सुराज से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
बीजेपी में शामिल हुए केसी सिन्हा पिछले विधानसभा चुनाव में जन सुराज के उम्मीदवार के तौर पर कुम्हरार सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। क्षेत्र में उनकी पहचान एक प्रभावशाली नेता के रूप में रही है। ऐसे में उपचुनाव से पहले उनका पार्टी बदलना जन सुराज के लिए चुनौती माना जा रहा है। वहीं, बिट्टू सिंह के भी बीजेपी में शामिल होने से राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही चुनावी माहौल में नेताओं के इस बदलाव को प्रशांत किशोर की पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
बांकीपुर सीट पर कैसा होगा मुकाबला ?
बांकीपुर विधानसभा सीट नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई है। बीजेपी ने इस सीट से नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है। नीरज कुमार सिन्हा युवा मोर्चा से जुड़े रहे हैं।
इससे पहले बीजेपी के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार (बंटी) ने चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया था। दूसरी ओर, प्रशांत किशोर खुद बांकीपुर उपचुनाव में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और जन सुराज की चुनावी रणनीति को आगे बढ़ा रहे हैं।
30 जुलाई को होगा मतदान
बांकीपुर विधानसभा सीट के साथ मध्य प्रदेश और गुजरात की कुछ अन्य विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव होने हैं। इन सीटों के लिए मतदान 30 जुलाई को होगा जबकि चुनाव परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बांकीपुर की सियासी जंग में जनता किसके पक्ष में फैसला सुनाती है।