अयोध्या स्थित राम मंदिर(Ram Mandir) के चढ़ावे में गड़बड़ी से जुड़ा मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से करने से इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि मामले में इतनी जल्दबाजी की आवश्यकता क्या है? कोर्ट ने कहा कि न्यायालय के खुलने के बाद इस याचिका पर सुनवाई की जाएगी। ऐसे में अब इस मामले पर 12 जुलाई के बाद सुनवाई होने की संभावना है।
याचिका अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर की गई है। इसमें मांग की गई है कि मामले में विधिवत FIR दर्ज कराई जाए और जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की निगरानी में एक विशेष जांच दल (SIR) गठित की जानी चाहिए। याचिका में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय गड़बड़ियों और प्रशासनिक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई है।
याचिकाकर्ता ने जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
याचिका में यह भी कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIR ने बिना किसी आपराधिक मामला दर्ज किए ही जांच शुरू कर दी जिससे प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि आरोप बेहद गंभीर हैं और अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो साक्ष्यों और सबूतों से छेड़छाड़ होने की भी आशंका है। इसी आधार पर जल्द से जल्द सुनवाई की मांग की गई थी।
जांच में ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ जारी
मामले की जांच के तहत पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। फिलहाल जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है।
आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में
चढ़ावे में हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को न्यायिक हिरासत में 29 जून तक के लिए भेजा गया है। ये सभी मंदिर में दान के रूप में मिली नकदी और बाकि कीमती वस्तुओं की गिनती से जुड़े कार्यों में शामिल थे। पुलिस अदालत से उनकी रिमांड की मांग कर सकती है ताकि मामले की गहन जांच की जा सके। इसके साथ ही इन 8 आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी होनी है।