Ayodhya Ram Mandir Case Update: अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों को सोमवार को एक बार फिर अदालत में पेश किया जाएगा। तीन दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद सभी आरोपियों की पेशी एंटी करप्शन कोर्ट में होगी। इससे पहले शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद मोहर्रम अवकाश के कारण उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस 8 आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराएगी। सूत्रों के मुताबिक, विवेचक एवं सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी अदालत से आरोपियों की कस्टडी रिमांड की मांग कर सकते हैं ताकि मामले की आगे की जांच की जा सके।
पुलिस कोर्ट में पेश करेगी पुख्ता सबूत
जांच एजेंसियां आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष रखेंगी। पुलिस का प्रयास होगा कि पूछताछ के लिए आरोपियों की कस्टडी मिले, जिससे चढ़ावा चोरी से जुड़े पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई जा सके।
आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे अयोध्या के वकील
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कानूनी मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने संकेत दिया है कि वे इस मामले में आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे। इस संबंध में सोमवार को होने वाली बार एसोसिएशन की आमसभा में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
जांच का दायरा होगा और बड़ा
सूत्रों के अनुसार पुलिस अब जांच का दायरा और बढ़ाने की तैयारी में है। मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटाई जाएगी। जांच के दौरान पूरे सबूत मिलने पर मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO को लेकर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, IAS योगेश्वर राम मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया CEO बनाया जा सकता है। योगेश्वर राम मिश्रा अयोध्या, वाराणसी और बाराबंकी के जिलाधिकारी रह चुके हैं। वह विंध्याचल मंडल के कमिश्नर भी रहे हैं और विंध्य कॉरिडोर परियोजना को पूरा कराने में उनकी अहम भूमिका रही है।
आरोपियों के घरों पर छापेमारी जारी
जांच के तहत पुलिस ने सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है। सूत्रों के अनुसार आरोपी रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के घर से जेवरात, लग्जरी सामान और दूसरे कई अहम सबूत मिले हैं, जिन्हें पुलिस अपने कब्जे में लेकर जांच कर रही है। इसके अलावा दूसरे आरोपियों के घरों से भी नकदी और प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
सीबीआई जांच की भी मांग
अयोध्या के सूत्रों के अनुसार राम मंदिर दान चोरी मामले में जल्द CBI की एंट्री हो सकती है। बताया जा रहा है कि SIT की जांच के साथ-साथ CBI भी इस मामले की जांच के लिए अयोध्या पहुंच सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इन आठ आरोपियों की हुई है गिरफ्तारी
मामले में गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। ये सभी राम मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली नकदी, आभूषण और दूसरा कीमती सामान की गिनती से जुड़े काम में लगे थे। रविवार को पुलिस ने सभी आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी कर कई अहम सबूत जुटाए हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच जारी है।
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