उत्तर प्रदेश के झांसी में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के दौरान नकल की कोशिश का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सैनिटरी पैड के अंदर छिपाकर परीक्षा केंद्र पहुंचा था। उसने डिवाइस को अपने अंडरवियर में छिपा रखा था, लेकिन परीक्षा कक्ष में सुनाई दी भिनभिनाहट जैसी आवाज ने उसकी योजना पर पानी फेर दिया। संदेह होने पर तलाशी ली गई तो उसके पास से डिवाइस बरामद हुआ। यह घटना शुक्रवार को PET की दूसरी पाली के दौरान हुई। दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक नवाबाद थाना क्षेत्र के एक कॉलेज में परीक्षा आयोजित की जा रही थी। इसी दौरान परीक्षा कक्ष में तैनात इनविजिलेटर को एक असामान्य आवाज सुनाई दी। उन्हें शक हुआ तो एक अभ्यर्थी की जांच की गई। तलाशी के दौरान उसके पास छिपाया गया इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिला।
भिनभिनाहट सुनकर इनविजिलेटर को हुआ शक
झांसी की एसपी सिटी प्रीति सिंह के मुताबिक, परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात इनविजिलेटर ने हॉल में भिनभिनाने जैसी आवाज सुनी थी। आवाज के स्रोत को लेकर संदेह होने पर अभ्यर्थी की तलाशी ली गई, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुआ। पुलिस ने अभ्यर्थी की पहचान प्रयागराज निवासी आकाश पटेल के रूप में की है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसने परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले डिवाइस को सैनिटरी पैड के भीतर छिपाया और उसे अंडरवियर में रख लिया था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह परीक्षा के दौरान नकल करने के लिए इस उपकरण का इस्तेमाल करना चाहता था। हालांकि, डिवाइस का वास्तविक इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था, इसकी जांच की जा रही है।
डिवाइस और उससे जुड़ा सामान जब्त
घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारी परीक्षा केंद्र पहुंचे और मामले की पड़ताल शुरू की। अभ्यर्थी के पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ उससे संबंधित अन्य सामान भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उपकरण कहां से लाया गया था और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है। परीक्षा केंद्र पर हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और नकल रोकने के उपायों को लेकर भी सवाल उठे हैं। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण माना जाता है, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता बनी रहे।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी में पुलिस
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि मामले में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस बरामद उपकरण की जांच करने के साथ ही पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि डिवाइस के जरिए नकल करने की कोई कोशिश वास्तव में की गई थी या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
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