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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हादसे में दंपति की मौत, मृतकों के परिवार को मिला 1.80 करोड़ का मुआवजा

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर दिसंबर 2018 में हुए एक भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दंपति के परिजनों को मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने मृतक अंकित चुघ और उनकी पत्नी संजना चुघ के परिवार को कुल 1,80,99,232 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामले में ट्रिब्यूनल ने कार चालक को हादसे के लिए 70 प्रतिशत और ट्रक चालक को 30 प्रतिशत जिम्मेदार ठहराया। 29 अक्टूबर को जारी आदेश में MACT सदस्य गौरी कवडिकर ने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी है। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि ट्रक चालक की तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने की भूमिका भी दुर्घटना में रही।

अचानक ब्रेक लगने से ट्रक से टकराई थी कार

यह दुर्घटना 23 दिसंबर 2018 को हुई थी। अंकित भूपिंदरसिंह चुघ मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर अपनी वैगनआर कार चला रहे थे। कार में उनकी पत्नी संजना और उनके दो नाबालिग बच्चे भी मौजूद थे। इसी दौरान उनकी कार आगे चल रहे एक ट्रक से पीछे से टकरा गई। आरोप था कि ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक सड़क पर घिसटती चली गई। हादसे में अंकित और संजना गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में पनवेल के एक ग्रामीण अस्पताल में दोनों ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतक दंपति के परिजनों ने मुआवजे के लिए ट्रिब्यूनल का रुख किया।

कार चालक पर ज्यादा जिम्मेदारी क्यों?

सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि आगे चल रहे वाहन के अचानक ब्रेक लगाने का मतलब यह नहीं है कि पीछे चल रहे वाहन का चालक हर परिस्थिति में दोषमुक्त हो जाता है। यदि पीछे चल रहा वाहन उचित दूरी बनाए रखे और उसकी गति नियंत्रित हो, तो चालक के पास समय रहते ब्रेक लगाने और टक्कर से बचने का अवसर हो सकता है। इसी आधार पर ट्रिब्यूनल ने कार चला रहे अंकित चुघ को दुर्घटना के लिए 70 प्रतिशत जिम्मेदार माना। दूसरी ओर, ट्रक चालक की तेज और लापरवाह ड्राइविंग को हादसे में 30 प्रतिशत जिम्मेदारी का कारण बताया गया।

बीमा कंपनी पहले देगी रकम, फिर कर सकेगी वसूली

मामले में बीमा कंपनी ने दलील दी थी कि ट्रक का परमिट केवल राजस्थान और गुजरात के लिए वैध था तथा महाराष्ट्र में वाहन चलाने के लिए आवश्यक विस्तार नहीं लिया गया था। ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि बीमा कंपनी पहले मृतक दंपति के परिवार को मुआवजे का भुगतान करे। इसके बाद उसे ट्रक मालिक से यह रकम वसूलने का अधिकार होगा। मुआवजे की गणना दंपति की आय और अन्य संबंधित तथ्यों के आधार पर की गई। आदेश के मुताबिक, संजना चुघ की मृत्यु के लिए 92,53,500 रुपये और अंकित चुघ की मृत्यु के लिए 88,45,732 रुपये दिए जाएंगे। संजना सैमसिध माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में कार्यरत थीं, जबकि अंकित चुघ डेल इंटरनेशनल सर्विसेज में सीनियर डिलीवरी स्पेशलिस्ट के पद पर काम करते थे। दोनों की मृत्यु के बाद परिवार को होने वाले आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए ट्रिब्यूनल ने कुल 1.80 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा निर्धारित किया।

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Ram Janam Chauhan
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राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
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