HomeBreaking Newsलखनऊ में यूपी ATS का बड़ा एक्शन, पाकिस्तान संचालित टेरर नेटवर्क का...

लखनऊ में यूपी ATS का बड़ा एक्शन, पाकिस्तान संचालित टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश

उत्तर प्रदेश एंटी टेररनिस्ट स्क्वाड (UP ATS) ने पाकिस्तान से संचालित एक बड़े आतंकवादी नेटवर्क के मंसूबों को नाकाम करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ (SBN) से जुड़े हुए हैं। एटीएस ने इन्हें लखनऊ से दबोचा है। इनके पास से एक पिस्टल और 20 कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गगनदीप सिंह (26, अमृतसर), रजत कुमार (19, अमृतसर) और क्रिश (21, गुरदासपुर) के रूप में हुई है, जबकि एक बाल अपचारी को भी हिरासत में लिया गया है।

पाकिस्तानी हैंडलर ‘राणा भाई’ के संपर्क में थे आरोपी

एटीएस की शुरुआती पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। आरोपी पाकिस्तान में बैठे ‘राणा भाई’ नाम के हैंडलर के सीधे संपर्क में थे। हैंडलर ने उन्हें लखनऊ पहुंचकर किसी सेना या पुलिसकर्मी की ‘टारगेट किलिंग’ करने का बड़ा काम सौंपा था। आरोपियों को इस पूरी वारदात को अंजाम देकर उसका वीडियो रिकॉर्ड करके पाकिस्तान भेजना था, जिसके एवज में उन्हें 3 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। योजना के तहत हत्या के बाद आरोपियों को तुरंत नेपाल सीमा पार भागने के सख्त निर्देश दिए गए थे, जिसके लिए हथियार भी पाकिस्तान से ही भेजे गए थे।

2,585 रुपये देकर लखनऊ बुलाया

जांच में सामने आया है कि आरोपी 27 अक्टूबर को अमृतसर से दिल्ली के रास्ते निकले थे और 29 अक्टूबर की रात 12 बजे लखनऊ पहुंचे। हैंडलर ने उनके यात्रा खर्च के लिए 2,585 रुपये भेजे थे। लखनऊ पहुंचते ही आरोपियों ने रेलवे स्टेशन का वीडियो बनाकर पाकिस्तानी आका को भेजा, जिसके बाद उसने खर्च के लिए 2,500-2,500 रुपये की दो किश्तें और भेजीं। एटीएस के मुताबिक, लखनऊ के ही एक स्थानीय मददगार ने उन्हें ठहरने का ठिकाना, हथियार और कारतूस मुहैया कराए थे। एटीएस अब उस स्थानीय मददगार और नेटवर्क के अन्य सहयोगियों की तलाश में दबिश दे रही है।

मोबाइल से मिले संवेदनहीन स्थानों के वीडियो

आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में व्हाट्सएप के वर्चुअल नंबरों के जरिए विदेशी आकाओं से हुई बातचीत के रिकॉर्ड, संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी के वीडियो और लोकेशन डेटा मिला है, जिन्हें पाकिस्तान भेजा जा चुका था। इस मामले में एटीएस पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2), आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 तथा गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और 38 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एटीएस आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेगी, ताकि देश की एकता और संप्रभुता के खिलाफ रची गई इस आतंकी साजिश के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

 

READ MORE: UP, बिहार समेत 5 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानिए 2 से 3 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments