HomeBreaking Newsअमेरिका का बढ़ता कर्ज बन सकता है ग्लोबल शेयर बाजार के लिए...

अमेरिका का बढ़ता कर्ज बन सकता है ग्लोबल शेयर बाजार के लिए खतरा, ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने दी चेतावनी

दुनिया के शेयर बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने निवेशकों को सतर्क किया है। फर्म का कहना है कि अमेरिका की बिगड़ती वित्तीय स्थिति और तेजी से बढ़ता सरकारी कर्ज आने वाले समय में वैश्विक शेयर बाजारों के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की बढ़ती यील्ड को भी बाजार में अस्थिरता बढ़ने की अहम वजह माना गया है।

40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचा अमेरिकी कर्ज

Jefferies की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज 18 अगस्त को करीब 40.05 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 7.8 फीसदी अधिक है। इसके साथ ही अमेरिकी सरकार का राजकोषीय घाटा भी लगातार बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में अमेरिकी सरकार को करीब 1.8 ट्रिलियन डॉलर का घाटा हुआ है। जुलाई में ही यह घाटा करीब 432 अरब डॉलर रहा, जो मार्च 2021 के बाद किसी एक महीने में सबसे बड़ा घाटा बताया गया है।

बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बढ़ी चिंता

Jefferies के स्ट्रेटजिस्ट क्रिस्टोफर वुड के मुताबिक, लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर बढ़ती यील्ड बाजार के लिए चिंता का विषय है। अगर 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड 5 फीसदी से ऊपर जाती है, तो इसका असर शेयर बाजारों पर भी पड़ सकता है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की नीलामी में यील्ड 4.683 फीसदी तक पहुंच गई। वहीं 30-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 5.216 फीसदी रही। इससे निवेशकों के बीच अमेरिकी कर्ज और उसकी लागत को लेकर चिंता बढ़ी है।

घट रही सरकार की कमाई

अमेरिकी वित्तीय स्थिति की एक और चिंता राजस्व और खर्च के बीच बढ़ता अंतर है। जुलाई में संघीय सरकार के राजस्व में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 1.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। पिछले तीन महीनों में राजस्व करीब 5.7 फीसदी घटा है। टैक्स और शुल्क से होने वाली आय भी जुलाई में 8 फीसदी कम हुई। दूसरी तरफ सरकारी खर्च लगातार बढ़ रहा है। जुलाई में कुल संघीय खर्च सालाना आधार पर 21.7 फीसदी बढ़ा, जबकि पिछले तीन महीनों में इसमें 10.7 फीसदी की वृद्धि हुई।

दुनिया भर के बाजारों पर क्यों पड़ेगा असर?

अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड सिर्फ अमेरिका के निवेशकों तक सीमित नहीं हैं। दुनियाभर के बैंक, पेंशन फंड, बीमा कंपनियां, निवेश फंड और विदेशी सरकारें बड़ी मात्रा में अमेरिकी सरकारी बॉन्ड रखती हैं। ऐसे में अगर अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड लगातार बढ़ती है, तो इसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है। ऊंची बॉन्ड यील्ड निवेशकों को शेयरों के बजाय सुरक्षित अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की ओर आकर्षित कर सकती है। इससे शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

Read More

नोएडा मेट्रो यात्रियों के लिए खुशखबरी, एक्वा से ब्लू लाइन तक मिलेगी एयरपोर्ट जैसी शानदार कनेक्टिविटी

Ram Janam Chauhan
Ram Janam Chauhanhttp://mhone.in
राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments