दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्कारबोरो रीफ को लेकर अमेरिका ने चीन के कदम का विरोध किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने चीन द्वारा इस क्षेत्र में राष्ट्रीय प्रकृति रिजर्व स्थापित करने और नए प्रबंधन नियम लागू करने की कोशिश को खारिज करते हुए कहा कि इससे फिलीपींस के मछुआरों की पारंपरिक मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों तक पहुंच प्रभावित हो सकती है।
अमेरिका ने चीन के इस कदम पर जताई नाराजगी
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि वॉशिंगटन स्कारबोरो रीफ पर चीन द्वारा इस कदम को अस्थिर करने वाले राष्ट्रीय प्रकृति रिजर्व को लागू करने और फिलीपींस के मछुआरों को उनके पारंपरिक इलाकों में जाने से रोकने के प्रयासों को स्वीकार नहीं करता। अमेरिका के मुताबिक, चीन का यह कदम 2016 के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ है। वॉशिंगटन ने आरोप लगाया कि चीन पर्यावरण और कानूनी तर्कों का इस्तेमाल कर दक्षिण चीन सागर में अपने क्षेत्रीय और समुद्री दावों को आगे बढ़ा रहा है।
चीन ने जारी किए नए प्रबंधन नियम
अमेरिका की प्रतिक्रिया चीन की ओर से स्कारबोरो शोआल के लिए नए प्रबंधन उपायों की घोषणा के बाद आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चीन ने 1 अगस्त को इस क्षेत्र के लिए 16 अनुच्छेदों वाले नए नियम जारी किए। इन नियमों का लक्ष्य चीन द्वारा स्थापित राष्ट्रीय प्रकृति रिजर्व के प्रबंधन को व्यवस्थित करना बताया गया है। चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय, राष्ट्रीय वानिकी एवं घासभूमि प्रशासन, चाइना कोस्ट गार्ड और हैनान प्रांत की सरकार ने मिलकर ये उपाय जारी किए हैं। चीनी मीडिया के मुताबिक, नए नियमों में संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय, सूचना साझा करने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
सितंबर 2025 में रिजर्व को मंजूरी
चीन की स्टेट काउंसिल ने सितंबर 2025 में स्कारबोरो शोआल पर राष्ट्रीय प्रकृति रिजर्व स्थापित करने को मंजूरी दी थी। इसके बाद इस क्षेत्र में प्रशासनिक और पर्यावरणीय प्रबंधन व्यवस्था को लेकर चीन की गतिविधियां बढ़ी हैं। फिलीपींस इस क्षेत्र पर चीन के दावे और गतिविधियों का लगातार विरोध करता रहा है। स्कारबोरो शोआल फिलीपींस के प्रमुख मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों में शामिल है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।
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