केरल के मलप्पुरम(Malappuram) जिले में बड़ी मात्रा में अवैध विस्फोटक बरामद होने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और गिरफ्तारी की है। एजेंसी ने शनिवार को मंजेरी से हारिस टीए को गिरफ्तार किया। NIA के मुताबिक, हारिस कथित तौर पर विस्फोटकों की अवैध खरीद की साजिश में शामिल था और इस पूरे मामले में उसकी अहम भूमिका सामने आई है। उसकी गिरफ्तारी के बाद केस में पकड़े गए आरोपियों की संख्या 10 हो गई है।
ट्रक से बरामद हुए थे भारी मात्रा में विस्फोटक
मामला फरवरी 2026 में उस समय सामने आया जब मलप्पुरम के चेम्माड-थलाप्पारा रोड पर फरहा हॉलो ब्रिक्स कंपनी के परिसर में खड़े एक ट्रक की जांच के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिले। ट्रक से 89,600 एक्सप्लोसिव स्टिक और 10,500 नॉन-इलेक्ट्रिक शॉक ट्यूब बरामद की गई थीं। NIA के मुताबिक, इस खेप के लिए जरूरी वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था।
NIA ने संभाली जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने अप्रैल 2026 में जांच अपने हाथ में ली। इसके बाद एजेंसी ने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। मई में हुई कार्रवाई के दौरान 19 ठिकानों की तलाशी ली गई जहां से डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई।
नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही एजेंसी
हारिस की गिरफ्तारी से पहले भी इस मामले में कई आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों की खरीद और उनके परिवहन के पीछे कौन लोग थे। साथ ही, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और विस्फोटकों के संभावित इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। NIA की जांच अभी जारी है और एजेंसी अवैध विस्फोटकों की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में लगी हुई है।