Union Cabinet Meeting Decisions: संसद के मानसून सत्र से पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल और CCA की अहम बैठक हुई। बैठक में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी विकास, रेलवे और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े सात बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका उद्देश्य विकास की रफ्तार बढ़ाना और भारत को कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाना है।
वाराणसी के लिए दो बड़ी परियोजनाएं
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट के पहले दो फैसले वाराणसी में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने से जुड़े हैं। इसके तहत उत्तर प्रदेश के काशी में वरुणा नदी के किनारे 6 लेन और 4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा गंगा के किनारे भी छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर और गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद शहर की ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
‘सेमीकॉन 2.0’ को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने तीसरे और चौथे फैसले के तहत ‘सेमीकॉन 2.0’ मिशन और मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, इस योजना से करीब 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 2 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 1 लाख करोड़ रुपये के निर्यात की संभावना है। उन्होंने कहा कि ‘सेमीकॉन 2.0’ के आने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह एक बुनियादी उद्योग है और यहां बनने वाली चिप्स का उपयोग कई अन्य क्षेत्रों में किया जाता है।
यूरिया उत्पादन पर भी बड़ा फैसला
कैबिनेट के पांचवें फैसले में भारत को यूरिया उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। इसके लिए यूरिया से जुड़ी नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना है।
रेलवे अपग्रेडेशन को मिलेगी रफ्तार
बैठक के छठे और सातवें फैसले रेलवे अपग्रेडेशन परियोजनाओं से जुड़े हैं। इनमें रेलवे डबलिंग प्रोजेक्ट और चौथी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और यात्री व माल परिवहन दोनों को गति मिलेगी।
विकास और रोजगार पर सरकार का फोकस
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लिए गए सातों फैसले देश के विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी आत्मनिर्भरता और रोजगार बढ़ाने को ध्यान में रखकर किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और देश के विकास को मजबूती मिलेगी।
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