समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान(Azam Khan) की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर रामपुर विकास प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने बिना स्वीकृत नक्शे के बने निर्माणों को नियमों के विपरीत मानते हुए ध्वस्तीकरण (तोड़ने) का आदेश जारी किया है। हालांकि, आगे की कार्रवाई नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद की जाएगी।
रामपुर विकास प्राधिकरण के मुताबिक, जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर सदर तहसील के ग्राम सिंगनखेड़ा क्षेत्र में स्थित है। साल 2024 में यह इलाका प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में बने भवनों से संबंधित स्वीकृत मानचित्र और निर्माण अनुमति की जानकारी मांगी गई। प्राधिकरण का कहना है कि संस्थान को नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर दिया गया था। इसके बाद मामले की विस्तृत सुनवाई हुई जिसमें संबंधित पक्षों की दलीलों को सुना गया।
40 में से 38 भवनों पर आपत्ति
जांच के दौरान प्राधिकरण ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद कुल 40 भवनों में से केवल दो भवनों के नक्शे स्वीकृत पाए गए जबकि बाकी 38 भवनों का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं मिला। इसके बाद नियमों के तहत इन निर्माणों पर कार्रवाई का आदेश जारी किया गया है।
नियमों के तहत होगी कार्रवाई
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27(1) के तहत की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रदेश सरकार की अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त नीति के तहत यह कदम उठाया गया है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। जौहर यूनिवर्सिटी लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख मुद्दा रही है।