ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई हुई है। अमेरिका ने मंगलवार और बुधवार को ईरान के अलग-अलग शहरों में हमले किए, जबकि जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों समेत कई स्थानों को निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहेगी और हालात को बड़े युद्ध में बदलने से बचाने की कोशिश की जाएगी।
US air strikes on Tuesday and Wednesday have killed 17 people and injured 115 others in six cities across Iran, a spokesperson for the Health Ministry has said.
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— Al Jazeera English (@AJEnglish) July 10, 2026
अमेरिकी हमलों में 17 लोगों की मौत का दावा
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि मंगलवार और बुधवार को हुए अमेरिकी हमलों में 17 लोगों की मौत हुई। मंत्रालय के अनुसार, ये मौतें छह अलग-अलग शहरों में हुई सैन्य कार्रवाई के दौरान हुईं।
115 लोगों के घायल होने की जानकारी
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 115 लोग घायल भी हुए हैं। घायलों में कई लोगों का अलग-्अलग स्पतालों में इलाज चल रहा है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित इलाकों में राहत और स्वास्थ्य सेवाएं जारी हैं।
UAE को लेकर ईरान का आरोप
ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक दस्तावेज का हवाला देते हुए दावा किया कि अमेरिकी विभाग ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में समर्थन के बदले यूएई के लिए निर्यात नियंत्रण नियमों में ढील देने और उसके निर्यात दर्जे में बदलाव का जिक्र किया है। ग़रीबाबादी ने इस मुद्दे पर यूएई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराने की मांग की है। वहीं, इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दे चुके हैं।
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