अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में इस घटना को “कलंक” बताया और कहा कि लंबे संघर्ष के बाद भगवान रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। ऐसे में मंदिर से जुड़ी इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सभी को पीड़ा हुई है।
पारदर्शिता बढ़ाने का दिया भरोसा
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि ट्रस्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जरूरी सुधार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को और मजबूत तथा पारदर्शी बनाया जाएगा, क्योंकि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना ट्रस्ट की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
CEO की नियुक्ति के लिए बनाई गई समिति
ट्रस्ट ने राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति योग्य उम्मीदवारों के नामों पर विचार करेगी, जिसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अंतिम फैसला करेगा। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
22 जुलाई की बैठक में हो सकता है फैसला
ट्रस्ट 22 जुलाई के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं में कई बदलाव लागू करने की तैयारी कर रहा है। इनमें दर्शन व्यवस्था, पूजा, राग-भोग, चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक में इन प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
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