उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद(Firozabad) जिले के शिकोहाबाद में हुए डेढ़ साल के मासूम आरव हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की कोर्ट ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुना दी है। इससे एक दिन पहले अदालत ने उसे हत्या का दोषी करार दिया था।
फैसला सुनाए जाने के दौरान आरोपी भावुक हो गया और उसकी आंखों से आंसू निकल आए। पुलिस सुरक्षा के बीच उसे जेल से कोर्ट लाया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया।
कोर्ट ने घटना को बताया बेहद गंभीर
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य अदालत के सामने रखे। कोर्ट ने माना कि पेश किए गए सबूत पर्याप्त हैं और यह अपराध बेहद गंभीर व अमानवीय प्रकृति का है। विराज को इसके बाद कोर्ट ने फांसी की सजा सुना दी। जानकारी के मुताबिक, विरोज को सजा मिलते वक्त उसके चेहरे का डर और घबराहट देखने लायक थी । वहीं जब इस मामले में 40 दिन बाद आए कोर्ट के इस बड़े फैसले से मारे गए मासूम बच्चे आरव के घरवाले खुश हैं। आरव की नानी पिंकी ने कोर्ट के इस फैसले का आभार जताते हुए संतुष्टि जताई है।
टॉफी दिलाने के बहाने ले गया था बाहर
यह मामला 30 मई का है जब शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में मासूम आरव की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि विराज ने बच्चे को टॉफी दिलाने का बहाना बनाकर घर से बाहर ले गया और कुछ दूरी पर सुनसान जगह पर उसकी जान ले ली। पुलिस जांच में सामने आया कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी।
क्या थी मासूम को मारने की वजह ?
पुलिस के मुताबिक, विराज अपनी भाभी रति से शादी करना चाहता था लेकिन उसने इनकार कर दिया था जिसके बाद विराज ने नाराज होकर मासूम आरव को निशाना बनाया और इस भयानक और दर्दनाक वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद अदालत ने जांच में मिले सबूतों और गवाहियों के आधार पर उसे दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है।