पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब आठ महीने पहले कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने पार्टी के भीतर चल रहे नेतृत्व विवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बदलने का कोई सवाल नहीं है। पांच दिन के पंजाब दौरे पर पहुंचे बघेल ने कहा कि “प्रदेश अध्यक्ष बदलना कोई गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं है। हाईकमान ने जो फैसला लिया है, वही अंतिम है और उसमें कोई बदलाव नहीं होगा।”
भूपेश बघेल ने दी जानकारी
भूपेश बघेल ने बताया कि उनकी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि चन्नी फिलहाल पंजाब से बाहर हैं। इसके अलावा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा से भी उनकी चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि वह सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे और संगठन को मजबूत करने पर जोर देंगे।
’23 जिला अध्यक्षों का राजा वड़िंग को समर्थन’
भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पार्टी संगठन का मजबूत समर्थन है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुई बैठक में 23 जिला कांग्रेस अध्यक्षों ने वड़िंग के नेतृत्व पर भरोसा जताया और उनके पक्ष में सहमति दर्ज कराई।
पंजाब कांग्रेस में क्या हो सकता है आगे?
पंजाब कांग्रेस में जारी इस खींचतान के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पार्टी नेतृत्व चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थकों को पूरी तरह साथ ला पाएगा या चुनाव से पहले यह असंतोष और गहरा होगा। फिलहाल हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।
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