Asian Gymnastics Championships 2026: भारतीय जिमनास्टिक के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जूनियर एशियन जिमनास्टिक चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेलते हुए इतिहास रच दिया है। हर्षित दामोदरन ने गोल्ड मेडल और अक्षत बजाज ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया है। यह पहली बार है जब इस चैंपियनशिप के किसी मुकाबले में भारत ने एक साथ दो टॉप पोजीशन पर कब्जा जमाया है।
फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर
21 जून को खेले गए वॉल्ट मुकाबले के फाइनल में हर्षित दामोदरन और अक्षत बजाज के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीक और संतुलन का प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में हर्षित मामूली अंतर से आगे निकलते हुए स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे।
हर्षित ने शानदार स्कोर के साथ जीता गोल्ड
हर्षित दामोदरन ने दो शानदार वॉल्ट के दम पर कुल 13.649 का औसत स्कोर हासिल किया और पहला स्थान अपने नाम किया। उन्होंने पहली कोशिश में 13.866 अंक जुटाए, जबकि दूसरी कोशिश में 13.433 अंक हासिल किए। पूरे मुकाबले के दौरान उनका प्रदर्शन बेहद संतुलित और तकनीकी रूप से मजबूत रहा।
अक्षत ने भी दिखाया दम
अक्षत बजाज ने भी बेहतरीन खेलते हुए गोल्ड के लिए कड़ा मुकाबला किया। उन्होंने पहले वॉल्ट में 13.500 और दूसरे वॉल्ट में 13.366 नंबर हासिल किए। 13.433 के औसत स्कोर के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने इस प्रतियोगिता में भारत की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
तैयारी में लंदन ट्रेनिंग का मिला फायदा
भारतीय पुरुष जिमनास्टिक टीम के कोच राकेश पात्रा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए पीटीआई से कहा, ‘लड़कों ने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने एक महीने पहले भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल कैंप में बहुत अच्छी ट्रेनिंग ली थी। उनकी तैयारी के तहत, मैं उन्हें लंदन भी ले गया था। वो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत मेडल जीतेगा।’
भारतीय जिमनास्टिक के लिए बड़ी उपलब्धि
जूनियर एशियन जिमनास्टिक चैंपियनशिप में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक जीतना भारतीय जिमनास्टिक के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान मजबूत की है, बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए भी उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
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