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टिहरी की बेटी सपना राणा ने विदेश में लहराया परचम, जर्मनी के शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल में बनीं नर्स

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की रहने वाली सपना राणा(Sapna Rana) ने अपनी मेहनत और कौशल के दम पर विदेश में रोजगार हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। सपना ने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लिया और इसी के  से उन्हें जर्मनी में नौकरी का अवसर मिला। उनका चयन जर्मनी के हैम्बर्ग शहर स्थित शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल में नर्स के पद पर हुआ है।

सपना को इस नौकरी में हर महीने 3060 यूरो यानी भारतीय मुद्रा के अनुसार करीब 3.30 लाख रुपये वेतन मिलेगा। जर्मनी जाने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। CM धामी ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

युवाओं को विदेशों में रोजगार से जोड़ने की पहल 

CM धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास और भाषा प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। योजना के तहत सेवायोजन विभाग का विदेश रोजगार योग्य युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की नौकरियों के लिए तैयार कर रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में जापान और जर्मनी जैसे देशों में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए युवाओं को संबंधित भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  इस पहल के तहत अब तक कई युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर मिल चुके हैं।

नर्सिंग क्षेत्र में जर्मनी में बढ़ रहे अवसर 

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि जर्मनी में स्वास्थ्य क्षेत्र, खासकर नर्सिंग के क्षेत्र में कुशल कर्मियों की मांग है। इसी को ध्यान में रखते हुए युवाओं को जर्मन भाषा और आवश्यक कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपना राणा ने भाषा प्रशिक्षण पूरा करने और जरूरी परीक्षाएं सफलतापूर्वक पास करने के बाद यह उपलब्धि हासिल की है।

शिक्षा और मेहनत से सफलता तक का सफर 

सपना राणा ने अपनी शुरुआती शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय पोखाल, टिहरी गढ़वाल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने स्टेट नर्सिंग कॉलेज, देहरादून से नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। बेहतर प्रशिक्षण, लगन और सही अवसर के जरिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर की नई शुरुआत की है। सपना की सफलता यह दिखाती है कि कौशल विकास और सही मार्गदर्शन के माध्यम से उत्तराखंड के युवा विदेशों में भी अपनी पहचान बना सकते हैं।

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