पंजाब(Punjab) सरकार ने राज्य के सरपंचों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बठिंडा में आयोजित “सरपंच मिलनी” कार्यक्रम के दौरान कहा कि 15 अगस्त 2026 से प्रदेश के सभी सरपंचों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला गांवों के विकास और स्थानीय प्रशासन में सरपंचों की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
CM मान ने कहा कि सरपंच ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। वे दिन-रात गांवों की बेहतरी के लिए काम करते हैं। ऐसे में उन्हें सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए ताकि वे अपने पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ जनसेवा को भी बेहतर ढंग से जारी रख सकें।
पंचायत चुनावों में चुने गए 13,225 सरपंच
पंजाब में अक्टूबर 2024 में हुए पंचायत चुनावों के दौरान 13,225 ग्राम पंचायतों के लिए सरपंच चुने गए थे। इनमें 3,798 सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हुए थे जबकि शेष पदों पर मतदान कराया गया था। इसके अलावा बड़ी संख्या में पंच भी बिना मुकाबले चुने गए थे। इन पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल पांच वर्षों का है।
सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय भार
यदि सभी 13,225 सरपंचों को 10 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है तो राज्य सरकार को हर महीने लगभग 13 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। सालाना आधार पर यह राशि करीब 159 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक मानदेय
नई घोषणा के बाद पंजाब देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है जहां सरपंचों को सबसे अधिक मानदेय मिलेगा। इससे पहले पंजाब में सरपंचों को 1,200 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता था। वहीं कई अन्य राज्यों में यह राशि पंजाब की तुलना में काफी कम है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से गांवों में विकास कार्यों को और गति मिलेगी तथा स्थानीय प्रशासन को मजबूती प्राप्त होगी।
बिहार(Bihar) सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा और न्यायिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता...