उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी रेलवे स्टेशन के पास मौजूद गंज शहीदा मस्जिद को लेकर विवाद अब पाकिस्तान तक पहुंच गया है। रेलवे प्रशासन ने हाल ही में मस्जिद परिसर को खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। रेलवे का कहना है कि यह निर्माण रेलवे भूमि पर है और स्टेशन के प्रस्तावित विस्तार कार्य में बाधा बन रहा है।
मस्जिद कमेटी ने किया ऐतिहासिक होने का दावा
मस्जिद प्रबंधन समिति का कहना है कि गंज शहीदा मस्जिद का इतिहास करीब एक हजार वर्ष पुराना है। समिति का दावा है कि उसके पास इससे जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें वह रेलवे प्रशासन के समक्ष पेश करेगी। वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति की टिप्पणी से बढ़ा विवाद
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 20 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर खतरा बढ़ रहा है और वाराणसी की इस मस्जिद को लेकर भी ऐसी आशंका है। उन्होंने भारत सरकार से कार्रवाई रोकने की अपील करते हुए सांप्रदायिक तनाव की आशंका जताई।
Our response to media queries regarding comments made by the President of Pakistan ⬇️
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) June 20, 2026

