मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की जांच में एक ऐसे नेटवर्क का मामला सामने आया है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं तक अपनी पहुंच बना रहा था। इस सिलसिले में भोपाल के काजी कैंप इलाके से मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी का आरोप है कि वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।
व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुपों पर था सक्रिय
ATS के अनुसार, मोहम्मद फराज विभिन्न व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुपों के जरिए युवाओं के संपर्क में रहता था। जांच एजेंसी का दावा है कि वह इन माध्यमों से कुछ लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। फराज से पूछताछ के बाद ATS ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद से नईम कुरैशी को भी गिरफ्तार किया है। एजेंसी का दावा है कि नईम इस पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। जानकारी के मुताबिक, फराज और नईम के बीच लगातार संपर्क था और दोनों की गतिविधियों के बारे में कई जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
CM ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में किसी भी तरह की आतंकवादी या कट्टरपंथी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ATS फिलहाल नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों और उसके विस्तार की जांच में जुटी हुई है।
मिशन 2047 पर कर रहा था काम
ATS को जांच के दौरान आरोपी मोहम्मद फराज के पास से PFI से जुड़ा ‘मिशन 2047’ डॉक्यूमेंट भी मिला है। इस दस्तावेज में भारत के खिलाफ जुड़ी कई सामग्री लिखी हुईं थी। हालांकि इस तरह के कागजात पहले भी जांच में कई बार मिल चुके हैं।
पूछताछ में सामने आए चौंकाने वाले दावे
ATS का कहना है कि पूछताछ के दौरान ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनमें नेटवर्क से जुड़े लोगों को उग्र गतिविधियों के लिए तैयार करने और भय का माहौल बनाने जैसी बातें सामने आई हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या कुछ लोगों को विदेश में ट्रेनिंग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इन दावों की पुष्टि के लिए डिजिटल और तकनीकी सबूतों का विश्लेषण जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मोहम्मद फराज इलाके में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था और अपनी पत्नी के साथ रहता था। वह हर सप्ताह कुरान की कक्षाएं भी संचालित करता था। इसके अलावा वह एक निजी क्लीनिक में कंपाउंडर के रूप में कार्यरत था। उसकी गिरफ्तारी के बाद आसपास के लोगों में हैरानी का माहौल है।
विदेशों में भेजता था जानकारी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कुछ विदेशी संपर्कों के संकेत मिले हैं। आरोप है कि आरोपी ऑनलाइन ऐप्स के जरिए विदेश में मौजूद लोगों से संपर्क में थे। साथ ही कुछ तस्वीरों और वीडियो के आदान-प्रदान की भी जांच की जा रही है।
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