दुनिया के सबसे प्रभावशाली आर्थिक समूहों में शामिल G7 शिखर सम्मेलन(G-7 summit) इस बार फ्रांस में आयोजित किया जा रहा है। इस अहम बैठक में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन पहुंच चुके हैं। फ्रांस की मेजबानी में होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक मंच पर जुटेंगे और कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
पीएम मोदी को इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए विशेष आमंत्रण मिला था। भारत की भागीदारी को वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री कई देशों के नेताओं से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर भी बातचीत कर सकते हैं।
वैश्विक चुनौतियों पर होगी अहम चर्चा
G7 बैठक में इस बार कई बड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहने वाले हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और नई तकनीकों के प्रभाव जैसे विषयों पर नेताओं के बीच विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल, उससे जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
दुनिया में तेजी से बदलते तकनीकी माहौल के बीच AI को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग एक अहम विषय बन गया है। बैठक में यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव जैसे भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है। वैश्विक शांति और स्थिरता को लेकर G7 देशों की भूमिका इस सम्मेलन में महत्वपूर्ण रहेगी।
विश्व के कई बड़े नेताओं से होगी मुलाकात
G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई देशों के प्रमुख नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें होने की उम्मीद है। इन मुलाकातों में व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
भारत लंबे समय से वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की आवाज उठाता रहा है। ऐसे में G7 जैसे मंच पर भारत की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।