केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में श्री अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, गृह सचिव गोविंद मोहन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड बनाने के निर्देश
इस बैठक के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने निर्देश दिया कि पूरे यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPFs) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर
गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा
इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। सुरक्षा कारणों से यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों पहलगाम और बालटाल को 1 जुलाई से यात्रा समाप्त होने तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है। इसके चलते इस वर्ष यात्रा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करने या टट्टू एवं पालकी सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करेंगी।
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