उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi) ने बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों, पूर्व सैनिकों और लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए। इस अवसर पर 1,645 परिवारों को भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक न्याय और ऐतिहासिक भूलों को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरता के कारण हजारों हिंदू और सिख परिवारों को अपना घर, जमीन और पुश्तैनी संपत्ति छोड़कर भारत आना पड़ा था। कई दशकों तक इन परिवारों को उनके अधिकार नहीं मिल सके लेकिन अब सरकार ने उनकी चौथी पीढ़ी तक को न्याय दिलाने का प्रयास किया है।
महाभारत की धरती से दिया धर्म का संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिजनौर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र महाभारत की परंपराओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल संदेश यह है कि जो व्यक्ति धर्म और सत्य के मार्ग पर चलता है, उसकी रक्षा स्वयं धर्म करता है।
वहीं जो लोग स्वार्थवश नैतिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाते हैं अंततः उन्हें उसके परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। CM योगी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल भौतिक विकास से संभव नहीं है बल्कि इसके लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करना आवश्यक है।
भगवान राम और भगवान कृष्ण का दिया उदाहरण
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में भगवान राम और भगवान कृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों का निर्माण केवल जन्म से नहीं होता बल्कि उचित मार्गदर्शन और गुरुजनों की शिक्षा उन्हें समाज के लिए आदर्श बनाती है।
उन्होंने कहा कि समय और परिस्थितियों के अनुसार समाज को अलग-अलग प्रकार की भूमिका निभानी पड़ती है। कभी शांति, करुणा और प्रेम की आवश्यकता होती है तो कभी धर्म और न्याय की रक्षा के लिए दृढ़ता और संकल्प का प्रदर्शन भी जरूरी हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज सही और गलत के बीच अंतर समझकर न्याय के पक्ष में खड़ा होता है तभी राष्ट्र मजबूत बनता है।
गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में गाय को विशेष सम्मान प्राप्त है और उसे मातृत्व के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार गो-हत्या के खिलाफ सख्त नीति पर काम कर रही है और इस संबंध में लागू कानूनों का कठोरता से पालन कराया जा रहा है।
राष्ट्रीय एकता का किया आह्वान
अपने संबोधन के दौरान CM योगी ने गंगा और गौ माता का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों भारतीय आस्था और संस्कृति के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। उन्होंने नागरिकों से देश की परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने देश की सुरक्षा, सैनिकों के सम्मान और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है तभी एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव हो पाता है।
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