केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख कंपनियों और उद्योग जगत के 50 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इस बैठक का आयोजन भारतीय वाणिज्य दूतावास और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के सहयोग से किया गया।
भारत-अमेरिका आर्थिक सहयोग पर रहा फोकस
इस बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तेजी से हो रहे आर्थिक सुधारों, निवेश अनुकूल माहौल और बढ़ते कारोबारी अवसरों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को नई गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
निवेशकों के सामने रखा भारत का विकास मॉडल
इस सम्मेलन में वैश्विक निवेशकों को भारत की आर्थिक प्रगति और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया गया। पीयूष गोयल ने बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने साझा समृद्धि और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और गहरा करने पर बल दिया।
कनाडा के साथ व्यापार बढ़ाने पर भी जोर
इससे पहले अपने कनाडा दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और कनाडा के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार करीब 8.5 अरब डॉलर का है। दोनों देश वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दिशा में सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की योजना बनाई जा रही है।
पीयूष गोयल ने 25 मई को ओटावा और 26 से 28 मई तक टोरंटो में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान शिक्षा, नवाचार, निवेश, व्यापार संगठनों और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की गई। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को आगे बढ़ाना था।
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