उत्तर प्रदेश में अब जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने या घर-जमीन के दाखिल-खारिज जैसे कामों के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सभी नगर निगमों में ‘वन डे गवर्नेंस सेंटर’ शुरू करने का फैसला लिया है, जहां कई जरूरी नागरिक सेवाएं एक ही दिन में उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस नई व्यवस्था की घोषणा की।
आधे घंटे में मिलेगा प्रमाणपत्र
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और लोगों के लिए आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल के तहत लोग नगर निगम कार्यालय पहुंचकर उसी दिन अपना प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी नागरिक आएगा तो उसे बैठाकर आधे घंटे में प्रमाणपत्र देने की कोशिश होगी। अगर मामला थोड़ा जटिल होगा तो उसे कुछ घंटे बाद बुलाया जाएगा, लेकिन काम उसी दिन पूरा किया जाएगा।”
गुजरात मॉडल पर बनेगा सिस्टम
ए.के. शर्मा ने बताया कि यह व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि गुजरात में लागू ‘वन डे गवर्नेंस सिस्टम’ को अब उत्तर प्रदेश में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
सीनियर सिटीजन के लिए खास सुविधा
सरकार ने इस व्यवस्था को नागरिकों के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया है। लखनऊ के वन डे गवर्नेंस सेंटर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है। यहां चाय-पानी समेत अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। मंत्री ने कहा कि जो लोग ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाते, उन्हें इस नई व्यवस्था से सबसे ज्यादा राहत मिलेगी।
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