राष्ट्रपति भवन में सोमवार, 25 मई को देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया। नई दिल्ली में आयोजित इस खास मौके पर कला, सिनेमा, संगीत, साहित्य और समाज सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार विजेताओं को अपने हाथों से सम्मान प्रदान किया। समारोह में कई भावुक और गर्व से भरे पल देखने को मिले जिन्होंने पूरे माहौल को खास बना दिया।
इस साल फिल्म जगत से कई दिग्गज नाम पद्म पुरस्कारों की सूची में शामिल रहे। सबसे ज्यादा चर्चा दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र(Dharmendra) को लेकर रही जिन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी पत्नी और वरिष्ठ अभिनेत्री हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति से ग्रहण किया। जैसे ही हेमा मालिनी मंच पर पहुंचीं, पूरा माहौल भावुक हो उठा। उनके चेहरे पर गर्व और भावनाओं का मिश्रण साफ नजर आया। इस दौरान बेटी अहाना देओल भी खुद को संभाल नहीं सकीं और उनकी आंखें नम हो गईं। समारोह में मौजूद लोगों ने इस पल को तालियों के साथ सम्मान दिया।
प्रसिद्ध वायलिन वादक को भी पद्म विभूषण
संगीत जगत से प्रसिद्ध वायलिन वादक डॉ. एन. राजम को भी पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में उनका योगदान बेहद अहम माना जाता है। उन्होंने भारतीय संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति भवन में उन्हें सम्मानित किए जाने के दौरान कला जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं।

क्रिएटिव दुनिया के जाने-माने चहरे को मरणोपरांत पद्म भूषण
वहीं विज्ञापन और क्रिएटिव दुनिया के जाने-माने नाम पीयूष पांडे को भी मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिया गया। उनके निधन के बाद यह पुरस्कार उनकी पत्नी नीता जोशी ने प्राप्त किया। इस मौके पर उनके परिवार के लिए यह पल गर्व और भावनाओं से भरा रहा। भारतीय विज्ञापन जगत में पीयूष पांडे का योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनकी रचनात्मक सोच और विज्ञापन शैली ने उद्योग को नई दिशा दी थी।

बंगाली सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता को भी मिला सम्मान
इसके अलावा बंगाली सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी को भी कला और भारतीय सिनेमा में उनके विशेष योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। दशकों से बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय प्रोसेनजीत ने अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई है और आज भी वे दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।


